खंड आठ प्रारुप विधान का तीसरा पठन - Page 205

190 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

अत्यधिक परिश्रम भरे कार्य करने के लिए शुभकामना देते हैं। मैं जानती हूँ कि उनका कार्य आसान नहीं रहा है लेकिन वे लोग सभी कठिनाइयों से उबरने में सफल रहे और इस प्रकार आज हम अपने देश के इस महान संविधान के पारित होने की पूर्व संध्या पर ....

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2 श्री एल.एस. भाटकर (सी.सी. और बरारः जनरल)ः @[ सभापति महोदय, मैं डॉ. अम्बेडकर और प्रारुप समिति के अन्य सदस्यों का हमारे देश को आजादी मिलने के बाद इतने अधिक परिश्रम से कार्य करके इस प्रारुप संविधान तैयार करने के लिए बधाई देता हूँ..... अनुच्छेद 17 छुआछूत की समाप्ति का उपबंध करता है जिसके लिए, मैं प्रारुप समिति को बधाई देता हूँ..... $ अनुच्छेद 338 अनुसूचित जातियों के लिए न्याय देने का उल्लेख करता है, सभापति महोदय मैं आपको सेवाओं में हरिजनों की स्थिति के बारे में बताना चाहता हूँ, जो नीचे दिया गया हैः

@ हिंदुस्तानी भाषा में दिए गए भाषण का अनुवाद

12 सी.ए.डी. अधिकारिक प्रतिवेदन, खंड वही, पृष्ठ 915 X 1 24 नवंबर 1949, पृष्ठ 914