संविधान को अंगीकार किया जाना - Page 236

221

श्री सभापतिः सभा कल सुबह म.पू. 10 बजे तक के लिए स्थगित की जाती है जब हम डॉ. अम्बेडकर द्वारा प्रस्तुत पर मतदान करेंगे।

तत्पश्चात् सभा शनिवार 26 नंवबर 1949 मं.पू. दस बजे तक के लिए स्थगित हुई।

* * * * *

(संविधान को अंगीकार किया जाना)

सभापति (डॉ. राजेंद्र प्रसाद)ः ... इसे समाप्त करने से पूर्व मुझे इस महती सभा के सभी सदस्यों जिन्होंने न सिर्फ शिष्ट व्यवहार किया है, बल्कि मैं कहूँ कि जिन्होंने मुझे आदर और प्रेम भी दिया है का धन्यवाद करता हूँ। सभापीठ के आसन पर बैठकर और प्रतिदिन की कार्यवाही का संचालन करते हुए मैंने यह महसूस किया है, जो कि किसी दूसरे ने महसूस नहीं किया होगा कि प्रारुप समिति के सदस्यों, विशेषकर इसके अध्यक्ष डॉ. अम्बेडकर ने अपने खराब स्वास्थ्य के बावजूद जिस उत्साह और समर्पण से कार्य किया है, वह दुर्लभ है (सदस्यों ने खुशी प्रकट की) हमने जब उन्हें प्रारुप-समिति के लिए चुना और उसका अध्यक्ष बनाने का जो निर्णय लिया, उससे और अधिक सही निर्णय और कोई नहीं हो सकता था। उन्होंने न सिर्फ अपने चयन को सही ठहराया है, बल्कि जिस कार्य को पूरा किया है, उसे सरल भी बना दिया है। इस संबंध में समिति के दूसरे सदस्यों के बीच विभेद कर पाना सही नहीं होगा। मैं जानता हूँ कि उन सभी ने अपने अध्यक्ष की ही भाँति उसी उत्साह और समर्पण के साथ कार्य किया है और वे सभी देश के धन्यवाद के पात्र हैं... सभी लोगों मेरे धन्यवाद के पात्र है।। मैनें उन सबसे शिष्चार, सहयोग और विधायी सेवना प्राप्त की है (बहुत देर तक खुशी तक खुशी उन सबसे शिष्टाचार, सहयोग और विधयी सेवा प्राप्त की है (बहुत देर तक

खुशी प्रकट रकते रहें।)

डॉ. अम्बेडकर द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव पर सभा में मतदान लिया जाना शेष है।

प्रस्ताव हैः

‘‘कि सभा द्वारा तैयार किया गया संविधान पारित किया गया।

प्रस्ताव स्वीकृत हुआ (बहुत देर तक सदस्य खुशी प्रकट करते रहें।

(तत्पश्चात् सभापति ने संविधान को अधिप्रमाणित किया। सभा ने सभापति