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10 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

खंड 7

* श्री नजरुद्दीन अहमदः महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँः-

‘‘खंड 7 में ‘प्रभाव’ शब्द के बाद ’आए’, का लोप किया जाए’’ ....

श्री सभापतिः मैं नहीं समझता कि इस अर्धविराम के प्रश्न पर मत लिया जाना जरूरी है।

माननीय डा. बी.आर. अम्बेडकरः इसे देखा जाएगा। इस पर मत लेने की जरूरत नहीं है।

{ खंड 7 विधेयक में जोड़ा गया। }

खंड 8

* * * * *

* माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं संशोधन को स्वीकार नहीं करताः-

{ श्री बी. दास का संशोधन अस्वीकृत हुआ। खंड 8 विधेयक में जोड़ा गया। }

खंड 9

* * * * *

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः महोदय, आपकी अनुमति से मैं जो संशोधन पेश करने की अनुमति चाहता हूँ उसे कतिपय अलग रूप से तैयार किया गया है क्योंकि मेरा यह मानना है कि सभापटल पर रखे गए संशोधनों से एक दुविधा चाहूँगा। इसमें कोई व्यापक परिवर्तन बिल्कुल नहीं है। यह तो बस संरचना का मामला है और मेरे विचार से हम जो खंड 9 मे विचार प्रस्तुत करने जा रहे हैं उसको यह सभा बेहतर ढंग से समझ पाने की स्थिति में होगी।

* सी.ए.डी खंड 9, 17 सितंबर, 1945 पृष्ठ 1602

* वही पृष्ठ 1604

* वही पृष्ठ 1605-5