खंड 9 - Page 26

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श्री सभापतिः हाँ,

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँ

खंड 9 के स्थान पर, निम्नलिखित खंड प्रतिस्थापित किया जाएः-

भारत सरकार अधिनियम 1939 (इसके बाद उक्त अधिनियम के रूप में उल्लिखित) की धारा 2005 में उपखंड (2) के स्थान पर निम्नलिखित उप-धारा प्रतिस्थापित की जाएगी अर्थात्ः-

(2) जहाँ ऐसा प्रमाणपत्र दिया गया हो किसी भी मामले में कोई भी पक्षकार फेडरल न्यायालय की अनुमति से इस आधार पर कि उपर्युक्त में किसी प्रश्न का गलत निर्णय हुआ है_ और किसी अन्य आधार पर संघ न्यायालय में अपील कर सकता है।

‘‘(1) फेडरल न्यायालय अपनी अपीली अधिकारिता का प्रयोग करते हुए खर्च की अदायगी का आदेश सहित ऐसा डिक्री या आदेश पारित कर सकता है जो उसके समक्ष लंबित किसी वाद या मामले में पूर्ण न्याय प्रदान करने की दृष्टि से आवश्यक हो और इस प्रकार से पारित डिक्री या दिया गया आदेश भारत के संपूर्ण राज्यक्षेत्र में प्रवर्तनीय होगा।’’

मैं एक या दो शब्द जो छूट गए हैं, को बीच में जोड़ना चाहूँगाः

‘‘सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 में उसकी ओर से इस तरीके से उपबंधित या ऐसे किसी तरीके से जो अधिराज्य विधानमंडल की किसी विधि द्वारा या अधीन विहित किया जाए या किसी ऐसी विधि के उपबंधों के विषयाधीन, फेडरल न्यायालय द्वारा बनाए गए नियमों के द्वारा निर्धारित तरीके से’

‘‘(3) उक्त अधिनियम की धारा 210 की उप-धारा (3) के खंड (क) में कोष्ठकों और संख्या ‘‘उपधारा (1)’’ शब्द प्रतिस्थापित किए जाएँगे।’’

‘‘(4) उक्त अधिनियम की धारा 214 में, उपधारा (1) के बाद, निम्नलिखित उप-धारा अंतःस्थापित की जाएगी, अर्थात्ः-

मैं प्रारंभ में कुछ शब्द जोड़ना चाहूँगा ः

* सी.ए.डी. खंड 9, 17 सितंबर, 1949, पृष्ठ 1602

* वही, पृष्ठ 1604

* वही, पृष्ठ 1605-06