नया अनुच्छेद 300क और 300ख - Page 32

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नया अनुच्छेद 300क और 300ख

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँः

‘‘कि अनुच्छेद 300 के पश्चात् निम्नलिखित अनुच्छेद शामिल किए जाएँः

300क (1) राष्ट्रपति [ किसी राज्य या संघ राज्यक्षेत्र ] के संबंध में जहाँ वह

राज्य है वहाँ उसके राज्यपाल से परामर्श करने के पश्चात् लोक अधिसूचना

द्वारा उन जातियों, नस्लों या जनजातियों अथवा जातियों, मूलवंशों या

जनजातियों के भागों या उनमें के समूहों को विनिर्दिष्ट कर सकेगा, जिन्हें

इस संविधान के प्रयोजनों के लिए [ यथास्थिति ] उस [ राज्य या संघ राज्यक्षेत्र ]

के संबंध में अनुसूचित जातियाँ समझा जाएगा।

(2) संसद, विधि द्वारा किसी जाति नस्ल या जनजाति को अथवा जाति,

नस्ल या जनजाति के भाग या उसके समूह को खंड (1) के अधीन निकाली

गई अधिसूचना में विनिर्दिष्ट अनुसूचित जातियों की सूची में सम्मिलित कर

सकेगी या उसमें से निकाल कर सकेंगी, किंतु जैसा ऊपर कहा गया है उसके

सिवाय उक्त खंड के अधीन निकाली गई अधिसूचना में किसी बाद की

अधिसूचना द्वारा परिवर्तन नहीं किया जाएगा।

300ख (1) राष्ट्रपति [ किसी राज्य ] या संघ राज्यक्षेत्र ] क े संबंध में और जहाँ

वह राज्य है वहाँ उसके राज्यपाल से परामर्श करने के पश्चात् लोक अधिसूचना

द्वारा उन जनजातियों या जनजाति समुदायों अथवा जनजातियों या जनजाति

समुदायों के भागों या उनमें के समूहों अनुसूचित जनजातियाँ को विनिर्दिष्ट

कर सकेगा, जिन्हें इस संविधान के प्रयोजनों के लिए, [ यथास्थिति ] उस राज्य

[ या संघ राज्यक्षेत्र ] के संबंध में अनुसूचित जनजातियाँ समझा जाएगा।

(2) संसद, विधि द्वारा किसी जनजाति या जनजाति समुदाय को अथवा किसी जनजाति या जनजाति समुदाय के भाग या उसके समूह को खंड (1) के अधीन निकाली गई अधिसूचना में विनिर्दिष्ट अनुसूचित जनजातियों की सूची में सम्मिलित कर सकेगी या उसमें से निकाल सकेगी, किंतु जैसा ऊपर कहा गया है उसके सिवाय उक्त

खंड के अधीन निकाली गई अधिसूचना में किसी बाद की अधिसूचना द्वारा परिवर्तन नहीं किया जाएगा।