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जो इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले फेडरल न्यायालय के न्यायाधीशों को लागू थे।
11. (1) उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को वास्तविक सेवा में बिताए समय के लिए प्रति मास निम्नलिखित दर से वेतन का संदाय किया जाएगा, अर्थात्ः-
मुख्य न्यायमूर्ति - 4,000 रुपए।
कोई अन्य न्यायाधीश - 3,500 रुपए।
परंतु यदि उच्चतम न्यायालय को कोई न्यायाधीश अपनी नियुक्ति के समय भारत सरकार की या उसके पूर्ववर्ती सरकारों में से किसी की अथवा राज्य की सरकार की या उसकी पूर्ववर्ती सरकारों में से किसी की पूर्व सेवा के संबंध में (निःशक्तता या क्षति पेंशन से भिन्न) कोई पेंशन प्राप्त कर रहा है तो उच्चतम न्यायालय में सेवा के लिए उसके वेतन में से निम्नलिखित को घटा दिया जाएगा, अर्थात्ः-
(क) उस पेंशन की रकम_ और
(ख) यदि उसने ऐसी नियुक्ति से पहले, ऐसी पूर्व सेवा के संबंध में अपने को
देय पेंशन के एक भाग के बदले उसका संराशित मूल्य प्राप्त किया है तो
पेंशन के उस भाग की रकम_ और
(ग) यदि उसने ऐसी नियुक्ति से पहले ऐसी पूर्व सेवा के संबंध में निवृति-उपदान
प्राप्त किया है तो उस उपदान के समतुल्य पेंशन।
(2) ऐसा प्रत्येक व्यक्ति, जो इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले -
(क) किसी प्रांत के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति के रूप में पद धारण
कर रहा था और जो ऐसे प्रारंभ पर अनुच्छेद 376 के खंड (1) के अधीन
तत्स्थानीय राज्य के उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायमूर्ति बन गया है, या
(ख) किसी प्रांत के उच्च न्यायालय के किसी अन्य न्यायाधीश के रूप में पद धारण
कर रहा था और जो ऐसे प्रारंभ पर उक्त खंड के अधीन तत्स्थानीय राज्य के
उच्च न्यायालय का (मुख्य न्यायमूर्ति से भिन्न) न्यायाधीश बन गया है,
यदि वह प्रारंभ से ठीक पहले इस पैरा के उपपैरा (1) विनिर्दिष्ट दर से उच्चतर दर पर वेतन प्राप्त कर रहा था तो, यथास्थिति, ऐसे मुख्य न्यायमूर्ति या अन्य न्यायाधीश के रूप में वास्तविक सेवा में बिताए समय के लिए इस पैरा के उपपैरा (1) में विनिर्दिष्ट वेतन के अतिरिक्त विशेष वेतन के रूप में ऐसी रकम प्राप्त करने का हकदार होगा जो इस प्रकार विनिर्दिष्ट वेतन और ऐसे वेतन के अंतर के बराबर है जो ऐसे