728 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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93. दहेज का पत्नी के लिए न्यास होनाः (1) इस संहिता के लागू होने के बाद होने वाले विवाह के मामलों
में विवाह के अवसर पर, या इस शर्त पर अथवा इस लिहाज से ऐसे विवाह के लिए दिया गया दहेज उस स्त्री की संपत्ति होगी जिस का विवाह उस समारोह में हुआ है।
(2) जहां कोई दहेज उस स्त्री जिसका विवाह हो रहा है, जैसा कि पहले कहा गया है, के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति को मिलता है तो वह इस विश्वास से उसे रखेगा कि वह उस महिला के लाभ के लिए व अलग प्रयोग के लिए है और अठारह वर्ष पूरे कर लेने के बाद उस स्त्री को और यदि वह स्त्री अठारह वर्ष पूर्ण होने से पहले मुत्यु प्राप्त कर लेती है तो भाग 7 में बताए गए उसके उत्तराधिकारी को हस्तांतरित कर देगा।
भाग 4, धारा 28, पृष्ठ 20
स्पष्टीकरणः- इस भाग में फ्दहेजय् में शामिल हैµकोई संपत्ति जो उस विवाह के लिहाज से स्थानांतरित की गई है अथवा स्थानांतरण के लिए जिसकी सहमति दी गई हो अथवा उसकी ओर से विवाह के किसी भी पक्ष या किसी रिश्तेदार द्वारा अन्य पक्ष के किसी भी रिश्तेदार को चाहे वह प्रत्यक्ष तौर पर हो या अप्रत्यक्ष तौर पर उस अवसर पर या उस शर्त पर या उस विवाह अवसर को ध्यान में रखते हुए दी गई हो, लेकिन इसमें वह छोटे उपहार शामिल नहीं हैं जो रिवाज के रूप में दूल्हे या उसके रिश्तेदारों को किसी भी पक्ष के रिश्तदारों द्वारा दिए गए हों।