740 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
(ग) पुत्री,
(घ) पूर्व मृतक पुत्र की विधवा,
(घ) अन्य मृतक पुत्र की विधवा व दो पुत्र
विधवा को एक भाग मिलेगा, पुत्र व पुत्री को एक एक भाग, पहले उल्लेखित विधवा-घ को आध भाग व ड. में दिए गए उत्तराधिकारियों को एक भाग मिलेगा जो उनमें बराबरी से बंटेगा।
- उत्तरजीवी हैं-
(क) पुत्र,
(ख) मृतक पुत्र की एक विधवा व तीन पुत्र,
(ग) खंड ख में दिए मृतक पुत्र के अन्य मृतक पुत्र की विधवा।
पुत्र को एक भाग व खंड ख और ग में दिए गए उत्तराधिकारियों को संयुक्त रूप से एक भाग मिलेगा। बाद वाला हिस्सा ऐसे बंटेगा कि ख में दिए गए उत्तराधिकारियो को एक एक भाग और ग में दिए गए उत्तराधिकारी विधवा को उसका आध भाग मिलेगा। फलस्वरूप निर्वसीयती की पैतृक संपत्ति का एक भाग, उसके पूर्व मृतक पुत्र की विधवा को 1/9 व तीनों पुत्रों को भी 1/9 प्रत्येक को व पूर्व मृतक पुत्र के पूर्व मृतक पुत्र की विधवा को 1/18 वां भाग मिलेगा। ं
(114)
101. वर्ग 2 में प्राथमिकता प्राप्त उत्तराधिकारियों में बंटवारे का तरीकाः एक निर्वसीयती की संपत्ति का आठवीं अनुसूची के वर्ग 2 में शामिल उत्तराधिकारियों में इस प्रकार आबंटन होगा कि सभी को बराबर भाग मिले।
(115)
102. उत्तराधिकारी जो गोत्रज होंः आठवीं अनुसूची के वर्ग 1 या 2 में शामिल उत्तराधिकारियों के अभाव में मृतक के बंधु जो मृतक से पांच कोटी तक संबंध रखते हों इस भाग के नियमों के अनुसार अधिकारी होंगे।
भाग 1, धारा 8, पृष्ठ 7