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(117अ)
105. कोटियों का संगणनः
(1) गोत्रज या बंधुओं के बीच उत्तराधिकार का क्रम निश्चित करने के उद्देश्य से
निर्वसीयती के साथ उत्तराधिकारियों के रिश्ते, चढ़ते या उतरते क्रम की कोटी
अथवा दोनों जैसा भी मामला हो, को देखा जाता है।
(2 चढ़ते या उतरते क्रम की कोटी विशेष कर निर्वसीयती के साथ विशेष तौर पर
गिनी जाएगी।
(3) हर पीढ़ी चाहे वह बढ़ते क्रम में हो या घटते क्रम में, को एक कोटी माना
जाएगा।
105. कोटियों का संगणनः
(1) गोत्रज या बंधुओं के बीच उत्तराधिकार का क्रम निश्चित
करने के उद्देश्य से निर्वसीयती के साथ उत्तराधिकारियों के रिश्ते, चढ़ते या उतरते क्रम की कोटी अथवा दोनों जैसा भी मामला हो, को देखा जाता है।
(2) चढ़ते या उतरते क्रम की कोटी विशेष कर निर्वसीयती के साथ गिनी जाएगी।
(3) हर पीढ़ी चाहे वह बढ़ते क्रम में हो या घटते क्रम में, को
भाग 2, धारा 8, पृष्ठ 7
एक कोटी माना जाएगा।
उदाहरण
- विचारणीय उत्तराधिकारी निर्वसीयती के पिता की माता के पिता हैं। उनके पास
निचले क्रम की कोई कोटी नहीं है लेकिन उच्च क्रम की तीन कोटियां है जो (क)
निर्वसीयती के पिता (ख) उस पिता की माता (ग) उसके पिता (उत्तराधिकारी)
का प्रतिनिधित्व करती है।
- विचारणीय उत्तराधिकारी निर्वसीयती के पिताकी माता के पिता की माता है। उनके
पास निचले क्रम की कोई कोटी नहीं है किंतु उपरी क्रम की चार कोटी हैं जो
(क) निर्वसीयती के पिता (ख) उस पिता की माता (ग) उसके पिता (घ)
उसकी माता (उत्तराधिकारी) का प्रतिनिधित्व करती है।
- विचारणीय उत्तराधिकारी निर्वसीयती के पुत्र की कन्या के पुत्र की कन्या है। उसके
पास ऊपरी क्रम की कोई कोटी नहीं है, लेकिन निचले क्रम की चार कोटियां हैं
जो निर्वसीयती के (क) पुत्र (ख) उस पुत्र की कन्या (ग) उसके पुत्र (घ)
उसकी पुत्री (उत्तराधिकारी) का प्रतिनिधित्व करती है।