पुरुष मरूमक्कत्तायस इत्यादि की संपत्ति का उत्तराधिकार - Page 762

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पुरुष मरूमक्कत्तायस इत्यादि की संपत्ति का उत्तराधिकार

105क. पुरुष मरूमक्कत्तायस इत्यादि के निर्वसीयती मरने पर उत्तराधिकार के नियमः इस अध्याय में कोई भी प्रावधान होने के बावजूद कोई पुरुष हिंदू जो निर्वसीयती मर गया हो उसकी, पृथक अथवा स्वतः अर्जित संपत्ति के संबंध में -

(क) उस व्यक्ति के संबंध में जिस पर मरूमक्कत्तायस अथवा अलियसंतान कानून लागू

होता है, यदि ये संहिता प्रभावी नहीं होती, तो संपत्ति का हस्तांतरण धारा 105 ग

से 105 झ में शामिल नियमों के अनुसार व उसी क्रम से होगा।

(ख) उस व्यक्ति के संबंध में जिस पर, यदि ये संहिता प्रभावी न हुई होती तो नंबूदरी

कानून लागू होता तो संपत्ति का हस्तांतरण धारा 105 जे में शामिल नियमों के

अनुसार व उसी क्रम में होगा।

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105ख. पारंपरिक वंशज की परिभाषाः धारा 105 स से 105 ×ा व धारा 109 अ तथा 109 ब में पद ‘‘पारंपरिक वंशज’’ ऐसे व्यक्ति के संबंध में प्रयोग किया गया है जिसका मतलब उस व्यक्ति का कोई वंशज, चाहे वह पुरुष वंशक्रम में हो या स्त्री वंशक्रम में या कुछ सीमा तक पुरुष वंशक्रम में हों और कुछ सीमा तक स्त्री वंशक्रम में तथा ऐसे व्यक्ति का कोई बच्चा शामिल है।

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105ग. वहां जहां उत्तराधिकारी पांरपरिक वंशज हो वहां संपत्ति का हस्तांतरणः

(1) जहां कोई निर्वसीयती अपने पीछे एक पारंपरिक वंशज या वंशजों को छोड़ गया हो

और अपनी माता अथवा विधवा या दो या अधिक विधवाएं छोड़ गया हो या दोनो

मां व विधवा या विधवाएं छोड़ गया हो, सारी संपत्ति उन्हें हस्तांतरित हो जाएगी।

(2) माता अथवा विधवा की अनुपस्थिति में सारी संपत्ति उसके पारंपरिक वंशज या

वंशजों को जाएगी।

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105घ. बंटवारे के नियमः वहां जहां धारा 105 ग में उल्लिखित पारंपरिक वंशज हैं वहां संपत्ति का बंटवारा उत्तराधिकारियों में निम्न नियमों के तहत बंटेगा-