748 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
(क) प्रत्येक बच्चे, (पुत्र अथवा पुत्री) को बराबर भाग मिलेगा।
(ख) यदि पुत्र निर्वसीयती से पूर्व मृतक है तो खंड़ घ के विषय अनुसार ऐसे बच्चे के पारंपरिक
वंशज को वह संपत्ति जाएगी जो उस बच्चे का मिलती यदि वह जीवित होता। (ग) निर्वसीयती के पूर्व मृतक से पोते, पोती या नाती, नातिन है तो उन्हें वही भाग मिलेगा
जो उस बच्चे को मिलता, यदि वह निर्वसीयती की मृत्यु के समय जीवित होताः
परंतु यदि ऐसा नाती या पोता भी पूर्व में मृत्यु प्राप्त कर चुका है तो खंड़ ग के
प्रावधान के अनुसार ऐसे नाती या पोते के पारंपरिक वंशज को वह हिस्सा मिलेगा
जो उस नाती या पोते को मिलता यदि वह जीवित होता।
(घ) वह संपत्ति उसके दूरस्थ वंशजो को समान रूप से जाएगी।
(घ) एक बच्चे के पोते, नातियों व उसके पारंपरिक वंशजों को निर्वसीयती की संपत्ति
में से कोई हिस्सा नहीं मिलेगा यदि निर्वसीयती की मृत्यु के समय ऐसा बच्चा
जीवित हो।
(च) जहां कोई विधवा या एक से अधिक विधवाएं हैं तो सभी विधवाओं को वह
हिस्सा जो उस बच्चे को मिलता, बराबर भाग में बंटेगा।
(छ) माता एक बच्चे को मिलने वाली संपत्ति के बराबर की अधिकारी है_
(122)
105घ. जहां कोई पारंपरिक वंशज नहीं, बल्कि, एक विधवा या माता हो वहां संपत्ति का हस्तांतरणः
(1) जहां निर्वसीयती अपने पीछे कोई पारंपरिक वंशज न छोड़ गया हो, बल्कि, उसकी
माता व एक या अधिक विधवाएं हों तो आधी संपत्ति माता व बाकी आधी संपत्ति
विधवा अथवा विधवाओं को बराबर भाग में मिलेगी_
(2) विधवा की अनुपस्थिति में सारी संपत्ति माता को हस्तांतरित हो जाएगी।
(123)
105च. जहां माता नहीं बल्कि विधवा व माता के पारंपरिक वंशज उत्तराधिकारी है, संपत्ति का हस्तांतरणः
(1) वहां, जहां निर्वसीयती अपने पीछे कोई पारंपरिक वंशज या माता को नहीं बल्कि
एक या अधिक विधवाएं और अपनी माता के पारंपरिक वंशजों को छोड़ गया है