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मरूमक्कतायम स्त्री आदि की संपत्ति का उत्तराधिकार
109क. मरूमक्कतायम या अलियसंतान स्त्री के निवऱ्सीयती मर जाने पर हस्तांतरण के नियमः इस भाग में किये प्रावधान के बावजूद, पृथक अथवा स्वयं अर्जित संपत्ति जिस पर यदि ये संहिता प्रभावी न हुई होती तो मरूमक्कतायम या अलिय संतान कानून लागू होता, यदि वह स्त्री निर्वसीयती छोड़कर मर जाती है तो वह संपत्ति निम्न नियमों व क्रम के अनुसार हस्तांतरित होगी, यथा-
(क) जहां निर्वसीयती अपने पीछे एक या अधिक पारंपरिक वंशजों को छोड़ गई हो तो
ऐसी सारी संपत्ति धारा 105 (घ) के खंड (क) से (ग) में दिए गए प्रावधानों
के अनुसार उन वंशज या वंशजों को हस्तांतरित हो जाएगी_
(ख) किसी पारंपरिक वंशज की अनुपस्थिति में सारी संपत्ति निर्वसीयती की माता अथवा
उसकी अनुपस्थिति में उसके परंपरागत वंशज या वंशजों को जाएगी_
(ग) जहां निर्वसीयती अपने पीछे अपने किसी पारंपरिक वंशज या अपनी माता को
न छोड़ गई हो बल्कि अपने पति व अपनी नानी या उसके पारंपरिक वंशज या
वंशजों को छोड़ गई हो तो आधी संपत्ति उसकी नानी और उनकी अनुपस्थिति में
उसके पारंपरिक वंशजों को हस्तांतरित हो जाएगी।
(घ) निर्वसीयती की नानी या उसके पारंपरिक वंशजों की अनुपस्थिति में उसके पति
और उसके पति की अनुपस्थिति में उसकी नानी व उसकी अनुपस्थिति में उसके
वंशज या वंशजों को हस्तातंरित हो जाएगी।
(घ) जहां निर्वसीयती उपरोक्त उप-धाराओं में उल्लिखित उत्तराधिकारियों में से किसी को
भी अपने पीछे छोड़कर नहीं गई हो तो सारी संपत्ति उसकी माता की नानी और
उसकी अनुपस्थिति में उसके पारंपरिक वंशज या वंशजों तथा ऐसे किसी वंशज
की अनुपस्थिति में उसके निकटस्थ पूर्व बढ़ते अथवा उतरते क्रम के वंशजों और
उसके वंशजों को हस्तांतरित होगी, इसमें बहुत दूर के पूर्व बढ़ते अथवा उतरते
क्रम के वंशजों व उसके वंशज शामिल नहीं हैं।
(च) निर्वसीयती की संपत्ति या उसके किसी भाग का बंटवारा, जिसमें उसकी माता या उसके
अन्य वंशजों के दो से ज्यादा उतरते अथवा बढ़ते क्रम के पारंपरिक वंशज पूर्ववर्ती
धाराओं के तहत हकदार हैं धारा (घ) की उप-धारा (क) से (घ) में उल्लेखित
नियमों के अनुसार होंगी यदि माता अथवा अन्य वंशज ऐसी संपत्ति के संबंध में
निर्वसीयती मर गए हों अथवा अपने पीछे पूर्व कथित वंशज छोड गए हों।