766 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
(143)
119. खूनी अपात्र हैः कोई व्यक्ति जो खूनी हो अथवा खून करने के लिए उकसाने का अपराधी हो उसे उस व्यक्ति की संपत्ति में दाय, अथवा अन्य किसी संपत्ति के लिए भविष्य में उत्तराधिकार के लिए अपात्र माना जाएगा, जिसका खून हुआ है, या जिसके
खून करने के लिए उकसाया गया है।
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120. धर्म परिवर्तन कर चुके वंशज का अपात्र होनाः इस अधिनियम के लागू होने से पूर्व या पश्चात् कोई व्यक्ति किसी अन्य धर्म में परिवर्तन के बाद हिंदू न रह गया हो तब उसके धर्म परिवर्तन के बाद जन्में वंशज अपने किसी भी हिंदू संबंधी की संपत्ति में दाय के लिए अपात्र है बशर्ते ऐसे बच्चे या वंशज उत्तराधिकार के निर्धारण के समय हिंदू न हों।
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121. उत्तराधिकारी के अपात्र होने पर उत्तराधिकारः यदि इस अध्याय के अनुसार किसी व्यक्ति को उत्तराधिकार में दाय के लिए अपात्र घोषित कर दिया गया है तब ऐसी संपत्ति का हस्तांतरण इस प्रकार होगा जिस प्रकार तब होता यदि ऐसा व्यक्ति निर्वसीयती से पूर्व मर चुका हो।
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122. बीमारी, शारीरिक, विकलांगता इत्यादि अपात्रता नहीं हैः किसी भी व्यक्ति को किसी संपत्ति से इस भाग में उल्लेखित कारणों के अतिरिक्त अन्य कारण, बीमारी, शारीरिक या विकलांगता आदि के कारण उत्तराधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।
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राजसात
123. उत्तराधिकारियों की का विफल होनाः यदि कोई निर्वसीयती इस भाग के प्रावधान के अनुसार अपने किसी पात्र उत्तराधिकारी को नहीं छोड गया है तो ऐसे में सारी संपत्ति सरकार को चली जाएगी और सरकार उस संपत्ति का उपयोग निर्वसीयती के दायित्वों व जिम्मेदारियों को पूरा करेगी जैसे एक उत्तराधिकारी करता।
भाग 2, धारा 20, पृष्ठ 11
भाग 2, धारा 20, पृष्ठ 11
भाग 2, धारा 22, पृष्ठ 11
भाग 2, धारा 23, पृष्ठ 11
भाग 2, धारा 25, पृष्ठ 11