अध्याय 3- वसीयती उत्तराधिकार - Page 785

770 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

(3) एक हिंदू पत्नी अलग रहकर भरण-पोषण पाने की अधिकारिणी नहीं है यदि वह

अपवित्र हो अथवा अन्य धर्मग्रहण कर लेने के कारण उसके हिंदू होने को खारिज

कर दिया गया हो।

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127. विधवा पुत्रवधू का भरण-पोषणः धारा 126 के तहत एक ससुर की अपनी विधवा पुत्रवधू के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उस सीमा तक ही है, यदि उसके पास इसके लिए साधन हो व विधवा पुत्रवधू अपनी संपत्ति अथवा अपने पति की जागीर या अपने पुत्र या उसकी जागीर से स्वयं को पोषित करने के काबिल न हो। ऐसी कोई भी जिम्मेदारी उसके पुनर्विवाह करने पर समाप्त हो जाती है।

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