अध्याय 3- वसीयती उत्तराधिकार - Page 789

774 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

(151)

128. बच्चों व बुजुर्ग माता-पिता का भरण-पोषणः (1) इस धारा के प्रावधान के अनुसार एक हिंदू पूरी जिंदगी अपने वैध व अवैध बच्चों व बुजुर्ग माता-पिता के भरण -पोषण के लिए जिम्मेदार है।

(2) एक वैध व अवैध पुत्र व पुत्री अपने पिता से तब तक भरण-पोषण के अधिकारी

हैं जब तक वे अवयस्क हैः

परंतु एक अविवाहित कन्या जब तक वह पिता के साथ रहती है व अविवाहित

है, वह अपने पिता से भरण-पोषण की मांग कर सकती है।

(3) एक पिता अपने पुत्र से भरण-पोषण की मांग कर सकता है यदि वह बुजुर्ग व

असहाय है।

(152)

129. माता द्वारा बच्चों का भरण-पोषणः एक हिंदू स्त्री अपने वैध व अवैध बच्चों के भरण-पोषण के लिए बाध्य है यदि उसके पास साधन हैं व उसका पति ऐसा करने में असमर्थ है।

---