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(151)
128. बच्चों व बुजुर्ग माता-पिता का भरण-पोषणः इस धारा के प्रावधान के अनुसार एक हिंदू पूरी जिंदगी अपने वैध व अवैध बच्चों व बुजुर्ग माता-पिता के भरण-पोषण के लिए जिम्मेदार है।
(2) एक वैध व अवैध पुत्र व पुत्री अपने पिता से तब तक भरण-पोषण के अधिकारी
हैं जब तक वे अवयस्क हैः
परंतु एक अविवाहित कन्या जब तक वह पिता के साथ रहती है व अविवाहित
है, वह अपने पिता से भरण-पोषण की मांग कर सकती है।
(3) एक पिता अपने पुत्र से भरण-पोषण की मांग कर सकता है यदि वह बुजुर्ग व
असहाय है।
(152)
129. माता द्वारा बच्चों का भरण-पोषणः एक हिंदू स्त्री अपने वैध व अवैध बच्चों के भरण-पोषण के लिए बाधय है, यदि उसके पास साधन हैं व उसका पति ऐसा करने में असमर्थ है।
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