अध्याय 3- वसीयती उत्तराधिकार - Page 791

776 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

परन्तु यह उस सीमा तक होगा यदि वह अपने पति की जागीर से भरण-पोषक प्राप्त करने में असफल है अथवा अपने पुत्र, यदि कोई है, अथवा उसकी सम्पदा से, अथवा नाती के विधवा के मामले में उसके ससूर की संपदा से। (9) उसका अवयस्क अवैध पुत्र तब तक जब तक वह अवयस्क रहता है। (10) उसकी अवैध पुत्री तब तक जब तक वह अविवाहित रहती है।

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