16. लोक प्रतिनिधित्व विधेयक - Page 118

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गए हैं। वे नियम, जिनके प्रति मैंने निर्देश किया है अनुच्छेद 81(1) (ख) और 81(1) (ग) में अधिकथित किए गए हैं। प्रथम नियम, जो यह अनुच्छेद अधिकथित करता है यह है कि निर्वाचन-क्षेत्र को ऐसे अवधारित किया जाएगा कि प्रत्येक 7,50,000 की जनसंख्या के लिए कम से कम एक सदस्य होगा और प्रत्येक 5,00,000 की जनसंख्या के लिए एक से अधिक सदस्य नहीं होगा। दूसरा नियम, जो यह अनुच्छेद अधिकथित करता है, यह है कि इन दो आंकड़ों-अधिकतम और न्यूनतम-के बीच में जिस किसी भी मानक आंकड़े का चयन किया जाए, वह मानक आंकड़ा, जहाँ तक भाग ‘क’ और भाग ‘ख’ राज्यों का संबंध है, भारत के संपूर्ण क्षेत्र में एक-समान होगा। यह संविधान द्वारा दिया गया साधारण निदेश है जिसे अनुरूप होता विधेयक के लिए अनिवार्य है।

स्थान आबंटित करने के प्रयोजन के लिए इस विधेयक में अपनाया गया मानक आंकड़ा प्रत्येक सदस्य के लिए 7,20,000 है। देखा जाएगा कि यह आंकड़ा 750,000 और 5,00,000 के बीच में है। विभिन्न राज्यों के स्थान, प्रत्येक राज्य की कुल जनसंख्या को 720,000 के इस आंकड़े से विभाजित करके निकाले गए हैं और प्रत्येक राज्य के स्थानों की कुल संख्या आप इस विधेयक की प्रथम अनुसूची में देखेंगे। संविधान के समुचित अनुच्छेद के अधीन राष्ट्रपति द्वारा जारी आदेश के अनुसारा कुल जनसंख्या 1 मार्च, 1950 को यथा प्राक्कलित जनसंख्या है। मेरे विचार में वह अनुच्छेद 347....

श्री भारतीः अनुच्छेद 387

डॉ. अम्बेडकरः मुझे विश्वास है कि राष्ट्रपति द्वारा जारी अधिसूचना माननीय सदस्यों के पास है जिसमें विभिन्न राज्यों की प्राक्कलित जनसंख्या दर्शाई गई है........

श्री भारतीः हमारे पास इसकी प्रति नहीं है। यह कब जारी की गई थी?

डॉ. अम्बेडकरः यह 17 अप्रैल, 1050 को जारी की गई थी।

श्री भारतीः वह कल था। हमें प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई है।

डॉ. अम्बेडकरः मुझे बहुत खेद है। यह राजपत्र में है। हमें इतनी जल्दी है कि दीर्घ अन्तराल संभव नहीं है।

डॉ. देशमुख (मध्य प्रदेश)ः श्रीमन्, वाद-विवाद के लिए जनसंख्या के अांकड़े आवश्यक हैं।

डॉ. अम्बेडकरः मेरा विचार है कि उन्हें परिचालित किया जाएगा। तथापि मैं उन्हें पढ़कर सुना देता हूँ।