102 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
निर्वाचन के प्रयोजन के लिए निर्वाचन-क्षेत्रों के परिसीमन, ऐसे निर्वाचों में मतदाताओं की अर्हताओं, निर्वाचक नामावलियों की तैयारी और उनसे संसक्त विषयों का उपबंध करने के विधेयक पर विचार किया जाए।य्
मैं इस समय कुछ कहना नहीं चाहता। चर्चा के अंत तक मैं आशा करता हूँ कि प्रभारी मंत्री उपस्थित हो जाएंगे और तब वे उत्तर देंगे। यदि वे उस समय उपस्थित नहीं होते हैं तो मैं चर्चा का उत्तर दूँगा।
माननीय अध्यक्षः प्रस्ताव पेश किया गया।
श्री भारती (मद्रास)ः यह बहुत महत्वपूर्ण विधेयक है और मेरा सुझाव है कि यदि विधेयक के प्रभारी माननीय मंत्री कतिपय बिन्दुओं की, जो बहुत आवश्यक हैं, व्याख्या कर देते तो यह वाद-विवाद में एक बड़ी सीमा तक सहायक सिद्ध होता और हम भी अनावश्यक बातें नहीं करते। माननीय मंत्री डॉ. अम्बेडकर अभी-अभी सदन में पधारे हैं। उनकी अनुपस्थिति के कारण ही माननीय श्री सन्थानम ने औपचारिक प्रस्ताव रखा था। यदि डॉ. अम्बेडकर यहाँ उपस्थित होता तो निश्चित रूप से उन्होंने बहुत ही उपयोगी भाषण दिया होता। मैं डॉ. अम्बेडकर के बोलने के पश्चात् अपनी बात कहने के लिए तैयार हूँ। तथापि, मैं यह मामला सदन पर छोड़ता हूँ।
विधि मंत्री (डॉ. अम्बेडकर)ः श्रीमन, सर्वप्रथम, सदन में विलंब से पहुंचने के लिए मैं सदन से क्षमायाचना करता हूँ। मुझे बताया गया था कि बीमा विधेयक 4.30 अपराह्न के पूर्व समाप्त नहीं होगा और मुझे मेरे कक्ष में संदेश भेज दिया जाएगा.......
श्री कामथ (मध्य प्रदेश)ः जीवन में हमेशा ही आश्चर्य होते रहते हैं।
डॉ. अम्बेडकरः इस विधेयक के संबंध में यह स्पष्ट है कि यह विधेयक चार प्रश्नों के बारे में है। एक, यह विभिन्न राज्यों में लोक सभा के स्थानों के आबंटन से संबंधित है। दूसरे, यह राज्य विधानसभा के कुल स्थान नियत करने से संबंधित है। तीसरे, यह संसद के निर्वाचन और राज्य विधानसभाओं के निर्वाचन के लिए मतदाताओं के रजिस्ट्रीकरण से संबंधित प्रश्नों के संबंध में है। और चौथे, विधेयक में राज्य विधानपरिषदों की संरचना और परिषदों के लिए मतदाताओं के रजिस्ट्रीकरण को तयकरने के लिए प्रस्ताव किया गया है। मैं इनमें से प्रत्येक बिन्दु को लेने और सदन को यह स्पष्ट करने का प्रस्ताव करूंगा कि वास्तव में यह विधेयक क्या करता है।
पहले, मैं राज्यों में संसदीय स्थानों के आबंटन के प्रश्न पर सदन के सामने स्पष्टीकरण रखना चाहता हूँ। विधेयक द्वारा प्रस्तावित आबंटन प्रथम अनुसूची में दर्शाया गया है। सदन को याद होगा कि संविधान के अनुच्छेद 81 में विभिन्न राज्यों के लिए संसद में स्थान वितरित करने के विषय में अपनाए जाने वाले नियम अधिकथित किए