16. लोक प्रतिनिधित्व विधेयक - Page 120

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कुर्ग 1.7 लाख

दिल्ली 15.1 लाख

हिमाचल प्रदेश 10.8 लाख

कच्छ 5.5 लाख

मणिपुर 5.4 लाख

त्रिपुरा 5.8 लाख

विन्ध्य प्रदेश 38.8 लाख

यह 1 मार्च, 1950 को संगणित जनसंख्या है।

श्री कामथः अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के बारे में क्या हैं?

डॉ. अम्बेडकरः मेरे पास यहाँ आंकड़े नहीं हैं और वे इस स्कीम का भाग नहीं हैं।

श्री भारतीः क्या अनुसूची में अंडमान को कोई सदस्य दिया गया है?

डॉ. अम्बेडकरः हाँ, किन्तु वह बिल्कुल अलग विषय है। मैं इस पर आ रहा हूँ।

मैंने सदन को भाग ‘क’, भाग ‘ख’ और भाग ‘ग’ राज्यों की भी कुल जनसंख्या बताई है।

डॉ. टेक चन्द (पंजाब)ः क्या ये वर्ष 1941 की जनगणना पर आधारित हैं?

डॉ. अम्बेडकरः उन्हें इस अनुसूची के प्रयोजन के लिए जनगणना आयुक्त द्वारा संगणित किया गया है जिन्हें इस विषय के संबंध में अंतिम प्राधिकारी समझा जाना चाहिए। उन्होंने निर्वाचन आयुक्त को सलाह दी है कि ये आंकड़े, मानक आंकड़े हैं और इन्हें आधार समझा जाए।

डॉ. टेक चन्दः उन्हें कैसे संगणित किया गया है?

डॉ. अम्बेडकरः इस बारे में अभी बताना बहुत कठिन है। इन्हें संविधान (जन संख्या का अवधारण) आदेश, 1950 में विहित रीति से संगणित किया गया है और राष्ट्रपति ने ये स्वीकार किए हैं।

जैसा कि मैंने बताया था, प्रथम अनुसूची लोक सभा का निर्देश करती है। भाग ‘क’ और भाग ‘ख’ राज्यों के लिए स्थानों की संगणना, प्रत्येक 7,20,000 की जनसंख्या के लिए एक सदस्य के आधार पर की गई है। जहाँ तक भाग ‘ग’ का संबंध है, माननीय सदस्यों को याद होगा कि भाग ‘ग’ राज्यों के लिए स्थानों का अवधारण अनुच्छेद 82 में बताया गया है। यह अनुच्छेद 82 इसे वस्तुतः संसद पर छोड़ देता है कि वह इसका