106 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
विनिश्चय अनुच्छेद 81 में अधिकथित दो नियमों द्वारा आबद्ध हुए बिना ऐसी सर्वोत्तम रीति से करे जिसमें वह कर सके। परिणामस्वरूप, वास्तव में, 7,20,000 के इस आंकड़े को, भाग ‘ग’ के राज्यों में स्थान आबंटित करने के लिए आधार नहीं बनाया जा सकता क्योंकि उस आधार पर उनमें से अधिकतर राज्यों को संसद में एक भी स्थान नहीं मिलेगा। परिणामतः यह किया गया है कि संसद में उनका प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के प्रयोजन से उन्हें मात्र एक स्थान, भाग ‘ग’ और भाग ‘ख’ राज्यों के लिए अधिकथित किसी भी नियम द्वारा आबद्ध हुए बिना, दिया गया है।
श्री श्यामनन्दन सहाय (बिहार)ः किन्तु ऐसे मामलों में, जहाँ एक से अधिक स्थान हैं?
डॉ. अम्बेडकरः मैं उस पर आ रहा हूँ। दिल्ली के संबंध में एक अपवाद किया गया है, अर्थात् दिल्ली को तीन स्थान दिए गए हैं।
श्री राज बहादुरः ऐसा अपवाद क्यों किया गया?
श्री भारतीः क्योंकि वह राजधानी है।
डॉ. अम्बेडकरः इसका एक कारण यह है कि भाग ‘ग’ में सूचीबद्ध अन्य राज्यों की तुलना में दिल्ली की जनसंख्या बहुत अधिक है। दिल्ली के संबंध में हमने जो आधार अपनाया है वह प्रत्येक 5,00,000 की जनसंख्या के लिए एक स्थान है और इसीलिए दिल्ली को तीन स्थान दिए जाएंगे।
कैप्टन ए.पी. सिंह (विन्ध्य प्रदेश)ः विन्ध्य प्रदेश के मामले में, 5,00,000 के मानक को आधार क्यों नही माना गया है? विन्ध्य प्रदेश को मात्र पांच स्थान दिए गए हैं।
डॉ. अम्बेडकरः विन्ध्य प्रदेश की जनसंख्या बहुत अधिक है। मैं यह कहना चाहता हूँ कि हम वहाँ बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं, जहाँ बढ़ाने की आवश्यकता है। हम वहाँ बढ़ाने का प्रयास नहीं कर रहे हैं जहाँ जनसंख्या के आधार पर राज्य को प्रतिनिधित्व प्राप्त है_ और हम बढ़ाने के लिए वहाँ अधिक ध्यान दे रहे हैं जहाँ राज्य को प्रतिनिधित्व बिल्कुल नहीं मिल पा रहा हो। इसे वास्तव में साम्यिक विचारणा द्वारा किया जाएगा न कि तर्क के आधार पर और जनसंख्या के आधार पर तो बिल्कुल नहीं।
अब मैं कश्मीर पर आता हूँ। जैसा कि सदन को ज्ञात है, कश्मीर के संबंध में एक विशेष उपबंध है और वह उपबंध एक महत्त्वपूर्ण दृष्टि से भिन्न है और वह यह है कि कश्मीर के प्रतिनिधियों का निर्वाचन जनता द्वारा नहीं किया जाएगा। कश्मीर के संबंध में किए गए इस अपवाद का कारण यह है कि कश्मीर भारत का अंग बहुत ही तनुकृत रूप में है। कश्मीर से संबंधित अनुच्छेद कहता है कि केवल अनुच्छेद 1 लागू होता है अर्थात् कश्मीर भारत के राज्य क्षेत्रों का भाग है। उस अनुच्छेद के अनुसार संविधान के