162 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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ऽकूच-बिहार (विधियों का आत्मसात्करण) विधेयक
विधि मंत्री (डॉ. अम्बेडकर)ः मैं कूच-बिहार में लागू कुछ विधियों को शेष पश्चिम बंगाल में लागू विधियों में आत्मसात् करने के लिए विधेयक प्रस्तुत करने की अनुमति चाहता हूँ।
माननीय अध्यक्षः प्रश्न हैः
फ्कि कूच-बिहार में लागू कुछ विधियों को शेष पश्चिम बंगाल में लागू विधियों में आत्मसात् करने के लिए विधेयक प्रस्तुत करने की अनुमति दी जाए।य्
प्रस्ताव अंगीकार किया गया।
डॉ. अम्बेडकरः मैं विधेयक पुरःस्थापित करता हूँ।
ऽऽविधि मंत्री (डॉ. अम्बेडकर)ः मैं पेश करने की अनुमति चाहता हूँः
फ्कि कूच-बिहार में लागू कुछ विधियों को शेष पश्चिम बंगाल में लागू विधियों में आत्मसात् करने के विधेयक पर विचार किया जाए।य्
यह बहुत साधारण और छोटा-सा विधेयक है, किन्तु पिछले सप्ताह के अनुभव को ध्यान में रखते हुए मैं आशा करता हूँ, मेरा सौभाग्य होगा कि शाम को सदन के उठने से पहले यह विधेयक पास हो जाएगा।
महोदय, इस विधेयक का उद्देश्य सूची- I तथा II में उल्लिखित विषयों से संबंधित कुछ केन्द्रीय विधियों का विस्तार कूच-बिहार तक करना है। इस विधेयक द्वारा केन्द्रीय सरकार को राजपत्र में अधिसूचना देकर एक दिन निश्चित करने की शक्ति दिया जाना प्रस्तावित है, कि यह विधि कब से लागू होगी। इन विधियों में केवल एक अपवाद है जो कि मुसलमान शरीयत कानून से संबंधित है। इसके संबंध में पश्चिम बंगाल सरकार को यह शक्ति दी गई है कि वह एक तारीख नियत करे ताकि उस दिन मुसलमान शरीयत कानून लागू हो सके। यदि कूच-बिहार 1949 से पूर्व एक विलीन राज्य बन जाता तो यह विधेयक अनावश्यक होता, क्योंकि सदन को याद होगा कि 1949 के अधिनियम- LIX (एलआईएक्स), जो कि मैं समझता हूँ कि इस सदन के दिसंबर सत्र में पारित हुआ था, के अनुसार सभी केन्द्रीय विधियों को सभी विलीन राज्यों में लागू किया गया था, किन्तु दुर्भाग्यवश उस समय कूच-बिहार एक विलीन राज्य नहीं बना था। कूच-बिहार
ऽसं. वा., खंड 5, भाग II 4 अगस्त, 1950, पृष्ठ 291-292
ऽसं. वा., खंड 6, भाग II, 1 दिसम्बर, 1950, पृष्ठ 1147