3. भारतीय नर्सिंग परिषद् विधेयक - Page 27

12 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

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भारतीय नर्सिंग परिषद विधेयक

ऽमाननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः जैसा कि मैं पिछले अवसर पर बता चुका हूँ, स्थिति यह है कि यह विधान समवर्ती विधायी सूची की प्रविष्टि सं. 16 के प्रति निर्देश करता है। समवर्ती विधायी सूची के अधीन बनाए गए विधान के संबंध में कार्यपालक प्राधिकार केन्द्रीय सरकार में निहित नहीं है। नियम बनाने का कार्य कार्यपालिका प्राधिकार है और केन्द्रीय सरकार के पास वह कार्यपालक प्राधिकार नहीं है, इसलिए वह नियम नहीं बना सकतीं नियम किसी अन्य के द्वारा बनाए जा सकते हैं। यदि मेरे आदरणीय मित्र को राष्ट्रपति द्वारा नियम बनाए जाने पर आपत्ति है तो नियम बनाने का कोई अन्य उपाय सुझा सकते हैं। यद्यपि वे निश्चित रूप से कोई ऐसा संशोधन नहीं कर सकते जिससे नियम बनाने का दायित्व या प्राधिकार केन्द्रीय विधानमंडल में निहित हो जाए। भारत अधिनियम की धारा 8(1) और 1939 के भारत सरकार अधिनियम की धारा 49(2) इस मुद्दे पर पूर्णतया स्पष्ट हैं।

श्री के. संथानमः यहाँ पुनः मैं देखता हूँ कि यह ऐसी विचित्र विधि है जो प्रतिपादति की गई है कि केन्द्रीय सरकार नियम नहीं बना सकती। केन्द्रीय सरकार का नाम निर्देशिती नियम बना सकती है किंतु केन्द्रीय सरकार नहीं बना सकती। वर्तमान प्रस्ताव यह है कि राष्ट्रपति का नामनिर्देशन केन्द्रीय सरकार द्वारा किए जाएं और वह नियम बनाए। आखिर यह अखिल भारतीय परिषद है और मुझ नियम बनाने के लिए भारत सरकार में ऐसा कोई प्राधिकार दिखाई नहीं देता। जहाँ तक प्रांतीय परिषदों का संबंध है, ऐसे निर्देश जारी नहीं किए जा सकते। अतः मेरा विचार है कि यथा प्रतिपादित विधि सर्वथा ही गलत है। केन्द्रीय सरकार के पास शक्ति होनी चाहिये। अतः मेरा यह सुझाव है कि संशोधन स्वीकार किया जाए।

ऽसं. स. (वि.) वा., खंड II, 8 दिसम्बर, 1947, पृष्ठ 1486