284 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया गया।
ऽडॉ. अम्बेडकरः मैं सिर्फ संख्या 79 पर दिए गए संशोधन को स्वीकार कर सकता हूँ जिसमें उप-खंड (2) के भाग (छ) में फ्के लिएय् शब्द हटाने को कहा गया है।
माननीय अध्यक्षः क्या श्री कामथ अन्य संशोधनों पर जोर देंगे?
श्री कॉमथः मैं शास्ति से संबंधित संख्या 82 के संशोधन पर जोर दूँगा।
माननीय अध्यक्षः प्रश्न हैः
( i ) खंड 9 के उप-खंड (2) के भाग (च) में फ्क्षतिय् के स्थान पर फ्नुकसानय् रखा जाए।
प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया गया।
श्री कामथः मैं अपने दूसरे संशोधन पर बल नहीं दूँगा।
माननीय अध्यक्षः प्रश्न हैः
( iii ) खंड 9 के उप-खंड (2) के भाग (च) में फ्के लिएय् शब्दों का लोप कीजिए।
प्रस्ताव अंगीकार किया गया।
माननीय अध्यक्षः प्रश्न है किः
( iv ) खंड 9 के उप खंड (3) में फ्जुर्माना जिसे सौ रुपये तब बढ़ाया जा सकेगाय् के
स्थान पर फ्कारावास जो छह मास से ज्यादा न हो या जुर्माने से जो सौ रुपये तक
हो सकेगा या दोनोंय् शब्द रखे जाएँ।
प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया गया।
माननीय अध्यक्षः प्रश्न हैः
फ्यथासंशोधित खंड 9 विधेयक का भाग बन गया है।य्
प्रस्ताव अंगीकार किया गया।
यथा संशोधित खंड 9 विधेयक में जोड़ा गया।
खंड 10 विधेयक में जोड़ा गया।
अनुसूची विधेयक में जोड़ी गयी।
ऽसं. वा., खंड 11, भाग II, 21 अप्रैल, 1951, पृष्ठ 7241-42