33. संविधान (प्रथम संशोधन) विधेयक - Page 355

340 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

मेरे विचार में डॉ. अम्बेडकर ने इसे स्वीकार कर लिया है और यह कहा गया है कि वह एक छपाई की गलती थी, अतः वह अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित नहीं होगा। बल्कि एक साधारण निर्वाचन-क्षेत्र रहेगा। गलती से इसे अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित कर दिया गया है। यह उनके लिए आरक्षित नहीं होना चाहिए। यह सामान्य लोगों के लिए होना चाहिए। जैसा कि मैं पहले ही बता चुका हूँ, इसकी व्यवस्था संविधान में विशेष रूप से की गई है।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैंने कहा था कि कार्यालय ने इसे छपाई की गलती माना है और हम इसके लिए एक शुद्धिपत्र जारी कर देंगे। शायद पहले ही जारी कर दिया गया है।

श्री चालिहाः इस स्थिति में मैं प्रस्ताव को (असम आदेशों से संबंधित अनुपूरक सूची संख्या 2 में) वापस लेना चाहूंगा।

प्रस्ताव, सदन की अनुमति से, वापस लिया गया

ऽमाननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं निम्नलिखित संशोधनों को स्वीकार करना चाहूंगाः

समेकित सूची 1µभाग 1 और 2

समेकित सूची 1µसंशोधन 1 से 4

माननीय उपाध्यक्षः इसका मतलब यह हुआ कि श्री दास के 50 प्रतिशत संशोधन आप स्वीकार करना चाहेंगे।

श्री विश्वनाथ दासः मैं अन्य संशोधनों की सूचना देता हूँ।

माननीय उपाध्यक्षः यहां नहीं।

श्री विश्वनाथ दासः ये संशोधन उन कुछ संशोधनों में से हैं जिनकी मुझे विभिन्न राज्यों के सदस्यों के निरन्तर अनुरोध के बाद सूचना देनी थी। मेरा एक और संशोधन है। माननीय मंत्री द्वारा उन्हें स्वीकार कर लिए जाने के बाद मैंने सोचा कि वे उनकी सूचना देंगे।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः जिन संशोधनों को मैंने स्वीकार किया है मैंने उन्हें बता दिया है।

ऽऽमाननीय उपाध्यक्षः प्रश्न यह हैः

ऽसं. वा., खंड 12, भाग II, 4 जून, 1951, पृष्ठ 10510

ऽऽसं. वा., खंड 12, भाग II, 4 जून, 1951, पृष्ठ 10511-13