348 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
है। इसलिए जहां तक महाराष्ट्र का संबंध है, उन निर्वाचन-क्षेत्रों के जिनका परिसीमन हो गया है, एक सीट देनी होगी। यही प्रस्ताव श्री हिरे के नाम से है। इसे या तो वे पेश करें या मैं कर देता हूँ।
माननीय अध्यक्षः यदि माननीय मंत्री इसे पेश करें तो बेहतर होगा।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं प्रस्ताव करता हूँः
तालिका ख में, पृष्ठ 8 पर, नासिक जिला, स्तम्भ 1 में, फ्नासिक शहरीय् और फ्मासिक ग्रामीण-सह-ईगतपुरीय् शब्दों के स्थान पर फ्नासिक ईगतपुरीय् शब्द प्रतिस्थपित किये जायें।
(1) फ्नासिक नगरय् से आरम्भ होने वाले और फ्ईगतपुरी नगर क्षेत्रय् से समाप्त होने वाले सभी शब्दों का लोप किया जाये और फ्नासिक और ईगतपुरी ताल्लुक, जिसमें सभी नगरपालिकाएं सम्मिलित हैंय् शब्द प्रतिस्थापित किये जाएँ।
(2) स्तम्भ 3, 4, 5, में उनकी संख्या का लोप किया जाये और उनके स्थान पर क्रमशः 3, 1, 1, प्रतिस्थापित किए जाएँ।
श्री कन्हैयालाल देसाई (बम्बई)ः पार्टी के संबंध में एक आनुषंगिक संशोधन है। पार्टी ताल्लुक में इस समय जो सीट अनुसूचित जनजातियों के लिए है, उसे एक साधारण सीट बनाया जाए।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः यह पारिणामिक संशोधन है। यह तो आप कर सकते हैं, श्रीमान्।
माननीय अध्यक्षः यह बात रिकार्ड में आनी चाहिये कि एक विशिष्ट बात उठाई गई है।
ऽमाननीय अध्यक्षः डांग के बारे में डॉ. अम्बेडकर का संशोधन है (उपरोक्त)ः
प्रस्ताव अंगीकार किया गया।
श्री हिरेः सूची संख्या 11 में मेरा पारिणामिक संशोधन है।
अध्यक्ष महोदयः वह महाराष्ट्र को एक और सीट देने के बारे में है। यह तो एकदम पारिणामिक है और हम इसे इस रूप में स्वीकार कर लेंगे। माननीय विधि मंत्री सूची संख्या 8 में संशोधन संख्या 1, 2, और 4 को वापस लेने के लिए सदन की अनुमति चाहते हैं और अन्य सभी माननीय सदस्य उनके नामों में दर्ज विभिन्न संशोधनों और प्रस्तावों को वापस लेने के लिए सदन की अनुमति चाहते हैं।
ऽसं. वा., खंड 13, भाग II, 9 जून, 1951, पृष्ठ 10534-35