33. संविधान (प्रथम संशोधन) विधेयक - Page 373

358 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

भाग-ग राज्यों के आदेशः दिल्ली

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं समेक्ति सूची में संशोधन संख्या 2 को (श्री केशवराव और अन्यों के नाम में) स्वीकार करता हूँ।

प्रस्ताव अंगीकार किया गया।

माननीय उपाध्यक्षः मेरे विचार में कोई और संशोधन नहीं है। भाग-ग राज्यों से संबंधित राष्ट्रपति का आदेश अभी स्वीकृत संशोधन के अनुसार उपांतरित होता है। डॉ. अम्बेडकर और अन्यों के अन्य संशोधन, यदि कोई हों, तो सदन की अनुमति से वापस लेने होंगे।

अन्य संशोधन सदन की अनुमति से वापस लिए गए।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः केवल दो प्रांत रहते हैं, अर्थात् उत्तरप्रदेश और पंजाब। कई संशोधन अभी प्राप्त हुए हैं और मुझे उन पर विचार करने का समय नहीं मिला है। यदि संबंधित दल मूल व्यवस्था पर चलने के लिए तैयार हों, तो मैं आगे कार्यवाही करने के लिए तैयार हूँ। परन्तु मैं देखता हूँ कि कुछ परिवर्तन किए गए हैं। इसलिए मुझे इसका साफ तौर पर पता होना चाहिए कि मुझे क्या करने के लिए कहा जा रहा है। मेरे विचार में मध्या“न पश्चात् आधा घण्टे का समय इन दोनों प्रान्तों के लिए पर्याप्त होगा।

श्री शिवचरण लालः तब गणपूर्ति को लेकर कठिनाई हो सकती है क्योंकि अन्य राज्यों के सदस्य सभा से अनुपस्थित हो सकते हैं।

माननीय उपाध्यक्षः उत्तर प्रदेश और पंजाब से संबंधित दो और आदेश बाकी हैं। यदि सभा में मतैक्य हो तो हम देर तक बैठ सकते हैं क्योंकि मैं नहीं चाहता कि कोई यह महसूस करे कि यदि वह बोलना चाहता है, तो उसे मौका नहीं दिया गया है।

श्री अमोलख चन्दः क्या हम बैठक आधे घण्टे के लिए स्थगित करके फिर बाद में नहीं बैठ सकते क्योंकि मध्या“न पश्चात् 4.30 बजे हो सकता है, सदस्य न आएं?

माननीय उपाध्यक्षः मंत्री को संशोधनों पर विचार करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए।

श्री टी.टी. कृष्णमाचारी (मद्रास)ः क्या कोई और कार्य नहीं है?

माननीय उपाध्यक्षः इन दो आदेशों को पास करने के अलावा कोई और कार्य नहीं है।

तत्पश्चात् सदन 4.30 बजे तक के लिए स्थगित हुई।

सभा 4.30 बजे पुनः समवेत् हुई।