370 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मेरा सुझाव है कि मैं इसके कुछ ऐसे खंडों को छांट लूंगा जिन पर कोई विवाद नहीं है। केवल एक ही खंड है जिस पर सहमति नहीं है। उस पर समय लगेगा। मेरे विचार में हमें उन खंडों को पहले लेना चाहिये जिन पर कोई विवाद नहीं है। फिर हम देखेंगे कि बैठक थोड़ा स्थगित करने के बाद क्या सहमति होती है या फिर हम उस खंड पर विचार किसी और दिन के लिए स्थगित कर सकते हैं।
माननीय अध्यक्षः इस सदन में लगभग सभी की राय है कि हम अब बैठक स्थगित कर दें, ताकि अनौपचारिक चर्चा हो सके। मैंने इस बात को मान लिया है। इसे अभी तक अध्यक्ष के विनिश्चय के रूप में घोषित नहीं किया गया है, परन्तु अध्यक्ष ने इसकी घोषणा कर दी है।
माननीय डॉ. बी.आर अम्बेडकरः मैं सदन से आग्रह करूंगा कि वह इस मामले पर पुनर्विचार करें।
माननीय अध्यक्षः अभी हमें इसे नहीं लेना चाहिए।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः ऐसे कुछ खंड है, जिन्हें बिना किसी भाषण के अभी निपटाया जा सकता है।
माननीय अध्यक्षः यदि खंडों को तुरन्त निपटाया जा सकता है, तो भी हमें अभी सदन की बैठक स्थगित कर देनी चाहिए।
जब हम 11.30 बजे पुनः एकत्रित होंगे तब उन खंडों को निपटा देंगे।
अब सदन स्थगित होगी और 11.30 बजे पुनः एकत्रित होगी।
तत्पश्चात् सदन साढ़े ग्यारह बजे तक के लिए स्थगित किया गया।