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परतु यह कि किसी ऐसे उम्मीदवार के मामले में कोई और नामांकन आवश्यक नहीं होगा, जिसका नामांकन निर्वाचन के रद्दकरण के समय विधिमान्य था।य्
डॉ. अम्बेडकरः मैं यह संशोधन स्वीकार नहीं करता हूँ, किन्तु मैं यह कहना चाहता हूं कि इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि सदन ने प्रत्याहरण से संबंधित खंड 35 के उप-खंड (2) का संशोधन कर दिया है, अतः बाद में थोड़ा संशोधन करना होगा और मैं बाद के प्रक्रम विषय को लाने की स्वतंत्रता आरक्षित रखता हूँ।
श्री जे.आर. कपूरः मुझे ऐसा लगता है कि माननीय मंत्री का प्रस्ताव इस खंड को स्थगित करने के लिए है।
डॉ. अम्बेडकरः मैं इसे स्थगित नहीं करना चाहता। केवल मुद्दा यह है कि एक और परंतुक जोड़ना आवश्यक होगा। मुद्दा यह हैः कि खंड 35 के उप-खंड (2) का संशोधन करने से, यह अब ऐसे उम्मीदवार के लिए भी खुला है। अतः जिसने नामांकन वापस ले लिया था। अतः यदि खंड 51 में अनुध्यात आकस्मिकता पैदा होती है, तो
खंड 51 में सकारात्मक उपबंध करना होगा। वह आसानी से एक परंतुक जोड़कर किया जा सकता है।
माननीय अध्यक्षः वस्तुतः, श्री जसपत राय कपूर के नाम में पूरक सूची सं.1 के संशोधन सं. 102 को स्वीकार कर लिए जाने के परिणामस्वरूप, एक संशोधन आवश्यक है और उस संशोधन को लाने के प्रयोजनार्थ ही है। अतः बाद में वह संशोधन जोड़ने के अवसर की मांग की जा रही है।
श्री. जे.आर. कपूरः मैं माननीय विधि मंत्री से पूर्णतः सहमत हूँ कि उस संशोधन को ध्यान में रखते हुए जो (संशोधन सं. 102) पहले ही स्वीकार किया जा चुका है, एक अन्य परंतुक जोड़ना होगा। किन्तु उसके अलावा, श्रीमन्, मैं सोचता हूँ कि मेरे सम्मानित मित्र श्री एस.एन. दास द्वारा लाए गए संशोधन में अंतर्विष्ट सुझाव पर गंभीर विचार किए जाने की आवश्यकता है।......श्री एस.एन. दास के संशोधन में दो मुद्दे हैं। उनकी पहली बात यह है कि यदि किसी विशिष्ट उम्मीदवार की संवीक्षा के पश्चात् किंतु मतदान आरंभ होने के पूर्व मृत्यु हो जाती है, तो निर्वाचकगण को ऐसे उम्मीदवार, जो मर गया है, के स्थान पर एक अन्य नामांकन करने का अवसर दिया जाना चाहिए। यह एक स्वीकृत सिद्धांत है।
अगला प्रश्न यह है कि इस सिद्धांत को क्यों ऐसे उम्मीदवारों के मामलों तक सीमित रखना चाहिए, जिनकी मृत्यु संवीक्षा के पश्चात् ही होती है? कोई उम्मीदवार नामांकन की तारीख और संवीक्षा की तारीख के बीच भी मर सकता है।
माननीय अध्यक्षः फ्सम्यक् नामांकनय् क्या है? क्या प्रतिभूति के पश्चात् या पहले?