536 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
श्री एस.एन. दासः आश्वासन को ध्यान में रखते हुए, मैं यह प्रस्ताव नहीं लाना चाहता हूँ।
ऽमाननीय अध्यक्षः नया खंड 50क सुझाते हुए, श्री दास के नाम से मुद्रित सूची में एक अन्य संशोधन सं. 385 है।
श्री एस.एन. दासः मैं इस पर कुछ कहना चाहता हूँ। मैंने इसलिए सुझाव दिए कि निर्वाचन में प्रचार का बहुत प्रभाव पड़ता है.......अतः मेरा सुझाव है कि प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर दिया जाना चाहिए, जिससे वह मतदाताओं को उन उद्देश्यों को बता सके जिसके लिए वह निर्वाचन में खड़ा है। अतः कई उम्मीदवार रेल खर्चे से बच जाएंगे यदि उसकी सुविधा उन्हें उपलब्ध करा दी जाए। मेरे सुझाव का यही प्रयोजन है जो मैंने सदन के समक्ष विचारार्थ रखा है। यदि सदन इसे ठीक समझता है तो इसे स्वीकार करे, यदि नहीं तो इसे नामंजूर कर दे।
माननीय अध्यक्षः यह संशोधन नहीं लाया गया है और यह सदन के समक्ष नहीं रखा गया है। अतः मैं यह चाहता हूँ कि माननीय मंत्री जी की प्रतिक्रिया की जानकारी सदन को होनी चाहिए।
डॉ. अम्बेडकरः मैं ऐसी किसी बाध्यता के लिए कतई सरकार को वचनबद्ध होने के लिए सहमत नहीं करा सकता हूँ।
माननीय अध्यक्षः क्या माननीय सदस्य सदन के समक्ष संशोधन रखना चाहता है?
श्री एस.एन. दासः नहीं, श्रीमन् जी।
खंड 51 (उम्मीदवार की मृत्यु)
ऽऽमाननीय अध्यक्षः (श्री एस.एन. दास) का संशोधन प्रस्तुत किया गयाः
खंड 51 के स्थान पर निम्नलिखित रखेंः
फ्51. मतदान के पूर्व उम्मीदवार की मृत्युः जब कभी सम्यक् रूप से नामांकन के पश्चात् और मतदान समाप्त होने के पूर्व किसी उम्मीदवार की मृत्यु को जाती है, तो सभी निर्वाचन कार्यवाहियां रद्द हो जाएंगी और निर्वाचन के प्रति निर्देश से सभी कार्यवाहियां सभी प्रकार से नए सिरे से इस प्रकार आरंभ होंगी मानो नया निर्वाचन होः
परंतु मृतक उम्मीदवार का नामांकन रिटर्निंग अधिकारी की राय मे विधिमान्य थाः
ऽसं. वा., खंड 12, भाग II, 21 मई, 1951, पृष्ठ 9189-90
ऽ ऽसं. वा., खंड 12, भाग II, 21 मई, 1951, पृष्ठ 9194-97