570 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
प्रस्ताव अंगीकार किया गया।
यथासंशोधित खंड 119, विधेयक में जोड़ा गया।
खंड 120 (खर्चों का भुगतान)
डॉ. अम्बेडकरः खंड 120 पर मेरा एक संशोधन है। यह खंड को मात्र दो खंडों में विभाजित करता है और दूसरा उप-खंड फ्यदि वहां.........य् शब्द से आरंभ होगा। उनके पहले फ्औरय् शब्द का लोप किया जाए। खंड को दो उप-खंडों में विभाजित किया गया है क्योंकि यह पं्रदह पंक्तियों वाला बहुत बड़ा खंड है।
संशोधन किया गयाः
खंड 120 के स्थान पर, निम्नलिखित खंड प्रतिस्थापित करेंः
फ्120. प्रतिभूति निक्षेपों में से खर्चे का भुगतान और ऐसे निक्षेपों की वापसीµ(1) यदि इस भाग के उपबंधों के अधीन खर्चे के संबंध में किसी अंतिम आदेश में किसी दल द्वारा किसी व्यक्ति को खर्चे के भुगतान का निदेश दिया गया है तो ऐसे खर्चे, यदि वे पहले भुगतान नहीं किए गए हैं, तो पूर्णतः या जहां तक संभव हो, प्रतिभूति निक्षेपों में से किए जाएं और अतिरिक्त प्रतिभूति निक्षेप यदि कोई है, संबंधित व्यक्ति द्वारा, जिसके पक्ष में खर्चे दिलवाये गए हैं, निर्वाचन आयोग को धारा 105 के अधीन ऐसे अंतिम आदेश के प्रकाशन से छह मास की अवधि के भीतर उस बाबत लिखित रूप में किए गए आवेदन पर, इस भाग के अधीन किया जाएगा।
(2) यदि उस उप-धारा में निर्दिष्ट खर्चे के उप-धारा (1) के अधीन भुगतान के पश्चात् उक्त प्रतिभूति निक्षेप में कुछ अधिशेष रह जाता है, तो ऐसा अधिशेष या जहां कोई खर्चा नहीं दिलाया गया है या यथापूर्वोक्त कोई आवेदन छह मास की उक्त अवधि के भीतर नहीं किया गया है, वहां उक्त संपूर्ण प्रतिभूति जमा, उस व्यक्ति द्वारा जिसके द्वारा निक्षेप किया गया है अथवा यदि ऐसा व्यक्ति ऐसा निक्षेप करने के पश्चात् मर जाता है, तो ऐसे व्यक्ति के विधिक प्रतिनिधियों द्वारा निर्वाचन आयोग को लिखित रूप में उस बाबत किए गए आवेदन, पर यथास्थित, उक्त व्यक्ति या उसके विधिक प्रतिनिधियों को वापस किया जा सकेगा।य्
µ¹डॉ. अम्बेडकरह्
माननीय अध्यक्षः प्रश्न हैः
फ्कि यथासंशोधित खंड 120 विधेयक का भाग बन गया।य्
प्रस्ताव अंगीकार किया गया।