34. लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक - Page 637

622 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

खंड 1 (संक्षिप्त नाम)

प्रो. के.टी. शाहः मैं प्रस्ताव पेश की अनुमति चाहता हूँः

खंड 1 को उस खंड के उपखंड (1) के रूप में पुनसंख्यांकित करें और निम्नलिखित उप-खंड को उप-खंड (2) के रूप में जोड़ेंः

फ्(2) इस अधिनियम को संविधान द्वारा यथाविहित भारत की मुख्य भाषाओं में अनूदित किया जाएगा, और विधि बन जाने के छह सप्ताह के भीतर, संघ के प्रत्येक राज्य में उसकी क्षेत्रीय भाषा या भाषाओं में एवं संघ की राष्ट्रीय भाषा और अंग्रेजी में भी प्रकाशित किया जाएगाः

परंतु इस अधिनियम में यथा परिभाषित या प्रयुक्त सभी तकनीकी शब्द हर स्थिति में, कोष्ठक में अंग्रेजी सामनकों सहित हिंदी में होंगे तथा यह कि वे प्रत्येक क्षेत्रीय भाषा में कोष्ठक में उनेक समानकों सहित जहां कहीं उपलब्ध हों, सभी क्षेत्रीय भाषाओं में वही होंगे।

डॉ. अम्बेडकरः मेरी इस संशोधन के प्रति गहरी सहानुभूति है और मुझे संदेह नहीं है कि विभिन्न राज्य सरकारें इस संशोधन के सुझाव पर विचार करेंगी। किंतु मैं यह नहीं समझ पा रहा हूं कि कैसे स्वयं कानून में इसे रखने में सहमत हो सकता हूं। अतः हमें इसका विरोध करना ही है।

माननीय अध्यक्षः प्रश्न यह हैः

फ्खंड 1 विधेयक का भाग बन गया।य्

प्रस्ताव अंगीकार किया गया।

खंड 1 विधेयक में जोड़ा गया। नाम और अधिनियमन सूत्र विधेयक में जोड़े गए।

माननीय अध्यक्षः अब सदन को स्थगित करना होगा। तब सदन 29 मई, 1951, मंगलवार को 9.30 बजे तक स्थगित किया गया।