41. निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के बारे में प्रस्ताव - Page 101

84 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

कि 20 सितम्बर, 1951 को पटल पर रखे गए परिषद निर्वाचन क्षेत्र (मद्रास) परिसीमन आदेश, 1951 में निम्नलिखित उपांतर किए जाएं, अर्थात् :-

कि तालिका में, स्तंभ 2 में ‘‘मलाबार और दक्षिण कनारा जिले’’ शब्दों के बाद जहाँ कहीं वे आए हैं, निम्नलिखित जोड़ा जाए, अर्थात् :-

‘‘और मिनीकॉय, लक्षद्वीप और अमीनद्वीप।’’

प्रस्ताव अंगीकृत किया गया।

माननीय उपाध्यक्ष : परिषद निर्वाचन क्षेत्र (मद्रास) परिसीमन से संबद्ध राष्ट्रपति

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का आदेश सदन द्वारा स्वीकृत दो संशोधनों की सीमा तक परिवर्तित होता है ।

*****

Col1 Col2

* डॉ. अम्बेडकर : मैं बाबू गोपीनाथ सिंह द्वारा द्वितीय विकल्प संशोधन सं. 1,

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भाग (1) और (2) को स्वीकार कर रहा हूँ। इसमें सामीप्य का उपबंध किया गया है और इसलिए मैं इसे स्वीकार कर रहा हूँ।

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कि 20 सितंबर, 1951 को पटल पर रखे गए परिषद निर्वाचन क्षेत्र (उत्तर प्रदेश) परिसीमन आदेश, 1951 में निम्नलिखित उपांतर किए जाएं, अर्थात् :-

(1) ( i ) कि तालिका में, स्तंभ 1 में ‘स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों’ शीर्षक के नीचे

‘‘पश्चिमी उत्तर प्रदेश (स्नातक) प्रविष्टि के सामने स्तंभ 2 में आए सभी

शब्दों के स्थान पर मेरठ, आगरा, झांसी, इलाहाबाद और फैजाबाद डिवीजन’’

शब्द रखे जाएं।

( ii ) कि तालिका में स्तंभ 1 में ‘‘स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों’’ शीर्षक के नीचे

‘‘पूर्वी उत्तर प्रदेश (स्नातक)’’ प्रविष्टि के सामने स्तंभ 2 के सभी शब्दों के

स्थान पर रोहिलखण्ड, कुमायूं, लखनऊ, बनारस और गोरखपुर डिवीजन’’

शब्द रखे जाएं।

(2) ( i ) कि तालिका में, स्तंभ 1 में ‘‘अध्यापक निर्वाचन क्षेत्र’’ शीर्षक के नीचे

‘‘पश्चिमी उत्तर प्रदेश (शिक्षक)’’ प्रविष्टि के सामने स्तंभ 2 में आए सभी

* संसदीय वाद-विवाद, जिल्द-16, भाग- II, 11 अक्तूबर, 1951, पृ. 4425-26