42. पिछड़े वर्गों के लिए केन्द्रीय अनुदान - Page 161

144 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

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पिछड़े वर्गों के लिए केन्द्रीय अनुदान

322 श्री क्षुदी राम मेहता : क्या शिक्षा मंत्री अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जन जातियों के अलावा पिछड़े वर्गों की शिक्षा के लिए वर्ष 1948, 1949, 1959 और 1951 के दौरान मंजूर की गई केन्द्रीय अनुदान राशि बताने की कृपा करेंगे?

विधि मंत्री (डॉ. अम्बेडकर) : अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए भारत सरकार की छात्रवृŸा योजना के अंतर्गत पिछड़े वर्गों के केवल योग्य विद्यार्थियों को भारत में मैट्रिकोŸार शिक्षा के लिए छात्रवृŸा प्रदान की जाती है। अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जन जातियों को छोड़कर पिछड़े वर्गों को दी गई छात्रवृŸायों पर अब तक किए गए खर्च का ब्यौरा निम्न प्रकार है :-

1948-49 - शून्य

1949-50 - रुपए 502,46,327।

1950-51 - रुपए 513,57,504।

वर्ष 1951-52 के दौरान पिछड़े वर्गों के उम्मीदवारों को कुल 3,65,000 रुपए मूल्य की छात्रवृŸायॉं प्रदान किए जाने की संभावना है।

श्री क्षुदीराम मेहता : मैं जानना चाहता हूँ कि क्या किसी आवेदन विशेष पर विचार करने से पूर्व कुल धनराशि को प्रान्तीय आधार पर आवंटित किया जाता है और यदि हाँ, तो किस आधार पर?

डॉ. अम्बेडकर : मैं नहीं समझता कि कोई प्रान्तीय आवंटन किया जाता हैं।

श्री रुद्रप्पा : क्या मैं 1949-50 और 1950-51 में प्राप्त हुए आवेदन पत्रों की संख्या जान सकता हूँ?

डॉ. अम्बेडकर : आवेदन-पत्रों से संबंधी आंकड़े निम्न हैंः-

वर्ष प्राप्त हुए आवेदन छात्रवष्िŸा दी गई

1949-50 3006 349

1950-51 3830 517

श्री रत्नास्वामी : पिछड़े वर्गों के लाभार्थ दी गई राहत को राज्यों द्वारा सही ढंग से खर्च किए जाने की देखभाल के लिए क्या तरीका अपनाया गया है?

* संसदीय वाद-विवाद, खंड-9, भाग- I, 9 अगस्त, 1951, पृ. 400