65. कुष्ठ रोगी - Page 199

182 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

इन इन्डिया’’ पत्रिका के संपादक भी हैं।

(घ) कुष्ठ रोग के इलाज में ‘सल्फोन’ का प्रयोग आरंभ करने से इलाज की अवधि में कमी आई है।

(ड.) केन्द्रीय कुष्ठ रोग संस्थान समिति ने सिफारिश की है कि मद्रास राज्य सरकार को चाहिए कि वह लेडी विलिगंडन लेप्रोसी सेनेटोरियम, तिरुमणि तथा सिल्वर जुबली, चिल्ड्रन्स क्लीनिक, सेडापेटे जो कि मद्रास राज्य के चिंगलपुट जिले में हैं दोनों को अपने हाथ में लेकर उनका विस्तार करे और मद्रास राज्य में इस संस्थान की स्थापना करे। मद्रास सरकार इन शर्तों पर राजी नहीं हुई। इस समय इस संस्थान को उड़ीसा में खोलने का प्रश्न विचाराधीन है।

(च) जी नहीं। सल्फोन उपचार की सफलता के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।

(छ) प्रश्न ही नहीं उठता।

डॉ. देशमुख : क्या मैं जान सकता हूँ कि उड़ीसा को ही क्यों चुना जा रहा है, मध्य प्रदेश का चयन क्यों नहीं किया गया? श्रीमान क्या यह सच नहीं है कि सर्वाधिक कुष्ठ रोग सदन मध्यप्रदेश में ही हैं?

डॉ. अम्बेडकर : मैं यह नहीं मानता कि मध्यप्रदेश सरकार ने केन्द्र सरकार से कभी यह इच्छा व्यक्त की हो कि ऐसे संस्थान की स्थापना के प्रयोजन के लिए उनके राज्य पर भी विचार किया जाए।

डॉ. देशमुख : क्या केन्द्र सरकार का कुष्ठ रोग सदनों को किसी प्रकार की विŸाय सहायता प्रदान करने संबंधी कोई प्रस्ताव हैं?

डॉ. अम्बेडकर : मैं समझता हूँ कि जहाँ भी संभव होता है सहायता प्रदान करते हैं।

माननीय उपाध्यक्ष : मैं सामान्य रूप में यह कह सकता हूँ कि जब कोई माननीय मंत्री किसी अन्य मंत्री की ओर से पूरक प्रश्नों का यह उŸार देता है कि माननीय सदस्य पूछें तो उन्हें मूल प्रश्न से हटकर नहीं पूछना चाहिए। मेरे कहने का यह अर्थ नहीं है कि वे असंगत हैं; वे उठाए जा सकते हैं, परन्तु माननीय मंत्री से उनका उŸार देने की आशा नहीं की जा सकती।

डॉ. देशमुख : किसी मंत्री द्वारा किसी दूसरे मंत्री के ओर से प्रश्नों का उŸार दिया जाना एक आम बता हो गई है, ऐसे में हम क्या करें महोदय?

माननीय उपाध्यक्ष : अगला प्रश्न।