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प्रश्न और उत्तर
(1)
भारत के उच्च न्यायालयों से अपीलें
- श्री आर. आर. दिवाकर : (क) क्या माननीय विधि मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या भारत के उच्च न्यायालयों से अपीलें हिजमेजेस्टी इन कांउसिल के यहाँ लंबित हैं।
(ख) यदि उपर्युक्त (क) का उत्तर हाँ है तो क्या उन पर वही विधियाँ, अधिनियम और नियम पहले की तरह लागू होते हैं।
(ग) यदि उपर्युक्त (क) का उत्तर नहीं है तो विभिन्न प्रान्तों में उच्च न्यायालयों के निर्णयों से अपीलों को किस प्रारूप में फाइल किया जाता है?
(घ) क्या प्रिवी कॉंसिल की न्यायिक समिति के समक्ष अपीलें सुने जाने तथा उनके द्वारा निपटाये जाने के लिए अब भी लंबित पड़ी हुई हैं।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : (क) हाँ,
(ख) हाँ,
(ग) प्रश्न नहीं उठता,
(घ) हाँ, जब तक नये संविधान में इसके विपरीत कोई उपबंध नहीं किया जाता है।
श्री एम. अनंत शयनम अय्यंगर : उच्च न्यायालय से अपीलों के लिए वर्तमान सरकार किस प्रकार के न्यायालय स्थापित करना प्रस्तावित करती है?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : वह सरकार के विनिश्चय का मामला नहीं है, बल्कि उस पर संविधान सभा को विनिश्चिय करना है।
श्री एम. अनंत शयनम् अय्यंगर : क्या माननीय विधि मंत्री यह जानते हैं कि वर्तमान भारत सरकार अधिनियम और डोमिनियन स्वतंत्रता अधिनियम के अन्तर्गत
* संसदीय सभा (विधायी) वाद-विवाद, खंड- 1, भाग- I, 18 नवम्बर, 1947, पृ. 70-71