270 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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167 श्री मोहन लाल सक्सेना : (क) क्या माननीय विधि मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि गृह मंत्रालय द्वारा नियुक्त कितने न्यायाधिकरण अभी भी कार्य कर रहे हैं?
(ख) क्या यह सच है कि इन अधिकरणों के बहुत से सदस्य अब पाकिस्तान के हैं?
(ग) यदि हाँ, तो ऐसे सदस्यों की स्थिति क्या है और क्या उनके स्थान पर कोई दूसरे सदस्य नियुक्त कर लिये गये हैं?
(घ) क्या सरकार का निम्नलिखित जानकारी देते हुए एक विवरण सदन के पटल पर रखने का प्रस्ताव हैः
( i ) विभिन्न अधिकरणों के नाम;
( ii ) विचारित किये गये तथा निपटाये गये मामलों की संख्या; और
( iii ) प्रत्येक अधिकरण के कितने समय तक कार्य किया है और सरकार ने
प्रत्येक अधिकरण पर कितनी धनराशि खर्च की है?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : (क) यह मान लिया जाता है कि माननीय सदस्य दंड विधि संशोधन अध्यादेश, 1943 के अधीन गठित विशेष अधिकरणों का उल्लेख कर रहे हैं। ऐसे अधिकरण जो अब तक कार्य कर रहे हैं उनकी संख्या चार है।
(ख) और (ग) तीन विशेष अधिकरण थे जिनका मुख्यालय लाहौर में था, उनके कुछ सदस्य अब पाकिस्तान में हैं। भारतीय स्वतंत्रता (विशेष अधिकरण) आदेश, 1947 के अन्तर्गत ये अधिकरण और इनके समक्ष लंबित मामले स्थानांतरित हो गये और अधिकरणों में से पाकिस्तान के सदस्यों तथा पाकिस्तान के संबंधित लंबित मामलों
* संसदीय सभा (विधायी) वाद-विवाद, खंड- 1, भाग- I, 27 नवम्बर, 1947, पृ. 781