272 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
श्री एम. अनंतशयनम् अय्यंगर : महोदय, अधिकरण लंबित मामलों की निपटाने में कितना समय लेंगे?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मैं कोई निश्चित उत्तर देने में बिल्कुल असमर्थ हूँ।
श्री मोहन लाल सक्सेना : क्या यह सच है कि इन अधिकरणों के समक्ष बहुत से मामले लंबित पड़े हुए हैं।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मुझे विश्वास है, यह सच है।
श्री मोहन लाल सक्सेना : क्या माननीय विधि मंत्री उनके जल्दी निपटाने के लिए कोई कदम उठा रहे हैं?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : ठीक है, अधिकरणों के समक्ष लंबित मामलों का जल्दी निपटारा कराना सरकार के मंत्री के लिए बहुत कठिन है, मामलों के निपटारे में विलंब का मुख्य कारण विभिन्न कारणों से पार्टियों द्वारा स्थगन प्राप्त करना होता है। स्थगनों की मंजूरी के लिए कोई पक्के नियम विहित करना बहुत कठिन है।
श्री आर. के. सिघवा : क्या इन स्थगनों के लिए कोई वैध कारण हैं? माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मैं नहीं कह सकता हूँ।
श्री मोहन लाल सक्सेना : क्या कोई निश्चित अवधि है, जिसके लिए इन अधिकरणों को नियुक्त किया गया है? माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : नहीं, महोदय।
*****