1. मैं चरित्र वाला व्यक्ति हूँ। - Page 219

202 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

उपाधि प्राप्त करने हेतु अमरीका जायेंगे और वहाँ दो वर्ष या इससे अधिक, समय तक जैसा भी आवश्यक समझा जायेगा, रहेंगे। इस अवधि के दौरान वे डॉ. एच.सी. पम्पस के सामान्य पर्यवेक्षण में रहेंगे।

(2) श्री भीमराव अम्बेडकर महामहिम की सरकार की अनुमति के बिना अपना समय किसी अन्य विषय या विषयों के अध्ययन में नहीं लगायेंगे, जो क़रारनामे में उल्लिखित विषयों के उनके अध्ययन के लिये अहितकर हो।

(3) उन्हें बड़ौदा राज्य के शिक्षा मंत्री को उन शिक्षा प्राधिकारियों, जिनके अधीन वे अध्ययन कर रहे हैं, या डॉ. एच.सी. पम्पस, जिनके संरक्षण में वे रह रहे हैं, के माध्यम से अपने आचार तथा प्रगति के विषय में त्रैमासिक रिपोर्ट भेजनी होगी और उन्हें समय-समय पर भेजे गए निर्देशों का पालन करना होगा।

(4) रवाना होने से पहले उन्हें वस्त्रादि के लिए 500 रुपये मिलेंगे।

(5) बम्बई से अमरीका तक की यात्रा के लिये महामहिम की सरकार उन्हें किसी फ्रांसीसी या जर्मन स्टीमर से द्वितीय श्रेणी का किराया उपलब्ध करायेगी। खण्ड (1) में उल्लिखित विषय या विषयों का अध्ययन सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर या अध्ययन पूरा होने से पहले किसी बीमारी की वजह से लौटने के लिए बाध्य होने पर, किसी चिकित्सा प्रमाण-पत्र के तहत, उन्हें यही किराया वापस आने के लिये भी उपलब्ध कराया जायेगा। अपने अध्ययन के संबंध में की गई प्रामाणिक यात्राओं के लिये भी उन्हें द्वितीय श्रेणी का रेलवे तथा बोट का किराया उपलब्ध कराया जायेगा।

(6) बम्बई से अपनी यात्रा शुरू करने की तिथि से श्री अम्बेडकर को 230 पौंड प्रति वर्ष का भत्ता प्राप्त होगा और इसके अलावा सरकार उनके सभी खर्चों का भुगतान करेगी।

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ए.सी. जोशी

भीमराव आर. अम्बेडकर

(आठ आने की स्टैम्प पर)

4 जून, 1913 को मेरे सामने हस्ताक्षरित और अनुप्रमाणित।

जी.एम. शाह

सहायक शिक्षा मंत्री,

बड़ौदा राज्य,

  1. रत्तू : लिटिल नोन फैक्ट्स ऑफ डॉ. अम्बेडककर, पृष्ठ 227-228।