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साथ ही समाज सेवा भी कैसे करोगे?
भीमराव ः यदि महामहिम महाराजा मुझे पर्याप्त अवसर दें, तो मैं
सभी कुछ कर लूँगा।
महामहिम महाराजा : मैं भी यही सोच रहा था। मैं तुम्हें अमरीका भेजने की
सोच रहा हूँ, क्या तुम जाओगे?
भीमराव ः जी हाँ।
महामहिम महाराजा : अब तुम जा सकते हो। हमारे शिक्षा अधिकारी से
स्कॉलरशिप माँगते हुए विदेश में प्रस्तावित अध्ययन
का एक आवेदन भेजो और मुझे सूचित करो।” ख्1,
“उन्होंने भीमराव को अपने राज्य द्वारा विज्ञापित किसी एक एक छात्रवृत्ति के लिये आवेदन भेजने को कहा। उन्होंने ऐसा ही किया और महाराजा ने तीन अन्य छात्रों के साथ भीमराव को उच्च शिक्षा के लिये भेजने का फैसला लिया। भीमराव को बड़ौदा बुलाया गया। 4 जून, 1913 को उन्होंने बड़ौदा राज्य के सहायक शिक्षा मंत्री के समक्ष एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जिसमें उन्होंने अपना समय निर्धारित विषय पढ़ने पर लगाने और अपना अध्ययन पूरा होने के बाद 10 वर्ष के लिये बड़ौदा राज्य को अपनी सेवायें प्रदान करने का क़रार किया।“ ख्2,
| Col1 | Col2 | Col3 | Col4 |
|---|---|---|---|
| d | k |
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| K | ki | u |
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| b | l |
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| i | zd | k |
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“4 जून 1913 को एक ओर बड़ौदा के महामहिम महाराजा गायकवाड़ की सरकार और दूसरी ओर बड़ौदा * निवासी श्री भीमराव आर. अम्बेडकर, बी.ए. के बीच हुए क़रारनामे का ज्ञापन।
महामहिम महाराजा गायकवाड़ की सरकार और भीमराव आर. अम्बेडकर के बीच निम्न बातों के लिये क़रार हुआः-
(1) श्री अम्बेडकर भीमराव आर. कोलम्बिया यूनिवर्सिटी, न्यूयॉर्क में वित्त तथा समाजशास्त्र में प्रशिक्षित होने और अर्थशास्त्र, वित्त तथा समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर
1.2. खेरमोर, खंड 1, पृष्ठ 63-64। कीर, पृष्ठ 26।
* ‘बम्बई होना चाहिए अन्य विवरणों के लिए परिशिष्ट VII भी देखें।