19. धन-ऋणदाय के नियंत्रण और विनियमन के लिए विधेयक। - Page 268

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अध्याय
खाते रखने की विधि

धारा 28 साहूकार द्वारा देनदार को पास बुक दी जाये।

धारा 29 साहूकार देनदार को उसके खाते का वार्षिक विवरण उपलब्ध कराए। धारा 30 साहूकार को चूक के दौरान मुकदमा करने का हक नहीं। धारा 31 चूक के लिए दंड।

धारा 32 खाते सरकार से प्राप्त बहियों में ही रखे जायें।

धारा 33 वर्ष के दौरान प्रयोग किये गये बही-खातों को प्रमाणीकरण के लिये प्रस्तुत करना।

धारा 34 बहियों की वे प्रविष्टिँ, जो धारा 32 और 33 के अनुरूप न हों वे साक्ष्य के रूप में मान्य नहीं होंगी।

अध्याय
मुकद्दमे तथा कार्रवाई

धारा 35 लघुवाद अदालत (स्माल कॉजि़ज़ कोर्ट) के अधिकार क्षेत्र से बाहर। धारा 36 अजऱ्ी में लाइसेंस का विवरण दिया जाये।

धारा 37 साहूकार को दिए जाने वाले परिप्रश्न।

धारा 38 कुछ लेन-देन पुनः खोलने की अदालत की शक्ति। धारा 39 कुछ लेन-देन पुनः नहीं खोले जायेंगे।

धारा 40 ब्याज की दर कब अधिक समझी जाये।

धारा 41 खाते लिखने की विधि।

धारा 42 बंधक डिक्री पर देय राशि का भुगतान किश्तों में करने का निर्देश देने की शक्ति।

धारा 43 डिक्री में बंधक पर देय राशि का भुगतान किश्तों में करने का निर्देश