48. अन्य पार्टियों जिनका उद्देश्य परिसंघ के विरुद्ध नहीं है, के साथ गठजोड़। - Page 417

400 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

48
v U;
tu d
ऐसी अन्य पार्टियों के साथ मैत्री,
जिनके उद्देश्य संघ विरोधी नहीं हैं,

अनुसूचित जाति संघ के नेता डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने आज प्रेस ट्रस्ट आफ इण्डिया को साक्षात्कार देते हुए कहा कि उसकी पार्टी न केवल सोशलिस्ट पार्टी बल्कि अन्य पार्टियों, जिनके उद्देश्य संघ के उद्देश्यों के प्रतिपफल न हो, के साथ चुनाव लड़ना चाहती है।

डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने समाजवादी नेता श्री जयप्रकाश नारायण से आज लगभग एक घंटे तक बातचीत की। ऐसा विश्वास किया जाता है कि बातचीत चुनाव गठबंधन के मुद्दे पर केन्द्रित रही।

डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने कहा कि उनकी पार्टी किसी भी तरह कम्युनिस्ट पार्टी से समझौता नहीं करेगी। ‘‘जिसका स्पष्ट कारण है कि मैं साम्यवाद में विश्वास नहीं करता।’’

पूछा गया, क्या वे अपनी पार्टी को कम्युनिस्ट पार्टी से समझौता करने के लिए रोकेंगे क्योंकि वे व्यक्तिगत रूप से कम्युनिज़्म का विरोध करते हैं। डॉ. अम्बेडकर ने कहा, ‘‘मैं अपनी पार्टी का दास नहीं बनूंगा जब तक मैं और मेरी पार्टी सहमत होगी हम मिलकर काम करेंगे अन्यथा हम अपने-अपने रास्ते पर चले जाएंगे। मैं राजनीति पर जीवित नहीं और राजनीति पर जीवित रहने का प्रस्ताव नहीं करता।’’

डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने यह भी कहा कि साम्यवादियों के प्रश्न पर उनके तथा उसकी पार्टी के मध्य कोई मतभेद नहीं है।

डॉ. अम्बेडकर ने कहा कि उन्होंने हमेशा चुनाव जल्दबाजी में करवाने का विरोध किया है। उनके विचार में जनता को जन-प्रतिनिधि अधिनियम पारित होने और वास्तविक रूप से चुनाव करवाने के बीच कम से कम एक वर्ष का समय दिया जाना चाहिए ताकि वे अपने आपको इसके लिए तैयार कर सकें।