408 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
- कि याचिकादाताओं के नाम मतदाता सूची में विधिवत् नामांकित थे और
इस प्रकार याचिकादाता उक्त निर्वाचन-क्षेत्र से लोकसभा के प्रत्याशी बनने
के लिए पात्र थे।
- कि याचिकादाताओं ने बम्बई शहर उत्तरी निर्वाचन-क्षेत्र से प्रत्याशियों
के रूप में अपने नामांकन पर्चे विधिवत रूप से भरे। याचिकादाताओं का
नामांकन 27 नवम्बर, 1951 को विधिवत् स्वीकार किया गया। क्र.सं. 1 से
9 तक के प्रतिवादी याचिकादाता की भांति इसी निर्वाचन-क्षेत्र से लोकसभा
के लिए उम्मीदवार थे। प्रतिवादी सं. 7, 8 व 9 ने नाम वापिस लेने के
लिए अनुमत्य समय के भीतर अपने नाम वापिस ले लिए।
- कि बम्बई शहर का उक्त उत्तरी निर्वाचन-क्षेत्र दोहरी सदस्यता वाला
निर्वाचन-क्षेत्र होने के कारण वहाँ लोकसभा के लिए दो सदस्यों का चुनाव
किया जा सकता है। उक्त निर्वाचन-क्षेत्र से चुनाव द्वारा भरी जाने वाले
दो सीटों में से एक सीट सामान्य श्रेणी के लिए है और दूसरी अनुसूचित
जाति के लिए आरक्षित है। अधिनियम की धारा 63(1) में निर्धारित नियम
के अनुसार प्रत्येक मतदाता दो मत डाल सकता है क्योंकि दो सदस्यों का
चुनाव किया जाना है। जन-प्रतिनिधि अधिनियम, 1951 की धारा 63 (1951
का अधिनियम संख्या XL III ) में स्पष्ट रूप से नियत है कि कोई मतदाता
किसी एक प्रत्याशी के लिए एक से अधिक मतदान नहीं करेगा।
- कि बम्बई शहर उत्तरी निर्वाचन-क्षेत्र में मतदान केन्द्रों में 3 जनवरी, 1952
को मतदान हुआ।
- कि विभिन्न प्रत्याशियों को मिले मतों की गिनती 7 जनवरी, 1952 को
प्रारम्भ हुई तथा 11 जनवरी, 1952 को पूर्ण हुई।
- कि उक्त संसदीय निर्वाचन-क्षेत्र के चुनाव का परिणाम रिटर्निंग अधिकारी
ने 11 जनवरी को घोषित किया जो निम्नानुसार था :
( i ) कि याचिकादाता 1 व 2 के पक्ष में क्रमशः 1,23,576 एवं 1,39,741
मत डाले गये;
( ii ) कि प्रतिवादी 1, 2, 3, 4, 5 एवं 6 के पक्ष में क्रमशः 96,755; 40,786;
1,49,138; 15,195; 1,38,137 और 12,560 मत डाले गये;
( iii ) कि प्रतिवादी सं. 5 आरक्षित सीट से चुने गये तथा प्रतिवादी सं. 3
उक्त निर्वाचन-क्षेत्र की शेष सीट के लिए चुने गये हैं; और