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( iv ) कि रिटर्निंग अधिकारी द्वारा यह भी घोषित किया गया कि उक्त निर्वाचन

-क्षेत्र में डाले गये वैध मतदानों की कुल संख्या 7,15,888 थी और अमान्य

वोटों की संख्या 74,333 थी।

  1. कि याचिकादाता रिटर्निंग अधिकारी द्वारा घोषित परिणाम पर विश्वास करते

हैं, जिसकी एक प्रति इसके साथ संलग्न है और ‘क’ के रूप में चिन्हित

है।

  1. कि उक्त चुनाव का परिणाम भारत के राजपत्र (असाधारण) भाग-1, खण्ड-1

के पृष्ठ सं. 130 पर दिनांक 26 जनवरी, 1952 को प्रकाशित हुआ था।

जन-प्रतिनिधि अधिनियम, 1951 (चुनाव का संचालन एवं चुनाव याचिका)

के नियम 112 के अन्तर्गत चुनाव व्यय से संबंधित रिटर्न याचिकाकर्ता

सं. 1 द्वारा 10 मार्च, 1952 तथा याचिकादाता सं. 2 द्वारा 7 मार्च, 1952

को रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष विधिवत् जमा करवाई जा चुकी है।

  1. याचिकादाता ने कहा कि रिटर्निंग अधिकारी ने मतों की गणना के समय

घोषित किया कि चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों, ने अनेक दोहरे मतदान

प्राप्त किये हैं जिन्हें रिटर्निंग अधिकारी द्वारा अमान्य करार देते हुए रद्द

कर दिया है। याचिकादाता ने कहा कि निरीक्षण के परिणामस्वरूप यह

पाया गया कि याचिकादाता 1 व 2 तक प्रतिवादी सं. 1,2,3,4,5 व 6 की

मतपेटियों में ऐसे अमान्य मत पाये गये तथा उन्हें दोहरे मतों के रूप में

रद्द कर दिया गया है, ये निम्न प्रकार से हैं :

याचिकादाता सं. 1 2921

याचिकादाता सं. 2 5597

प्रतिवादी सं. 1 39165

प्रतिवादी सं. 2 6634

प्रतिवादी सं. 3 10881

प्रतिवादी सं. 4 1168

प्रतिवादी सं. 5 6892

प्रतिवादी सं. 6 1025

कुल 74,333