56. राजनीतिक पार्टियां चुनाव जीतने के लिए नहीं होतीं अपितु लोगों को शिक्षित, जागरूक और संगठित करने के लिए होती हैं। - Page 455

438 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

(1) क्रय, (2) पट्टा, या (3) युद्ध। यदि सरकार इन तीन उपायों में से किसी एक को भी स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है तो सरकार का यह दायित्त्व है कि वह नागरिकों को बताए कि उसके पास अन्य कौन सा साधन है।

डॉ. बाबा साहब ने स्पष्ट किया कि सत्याग्रह ऐसी दो पार्टियों के मध्य हो सकता है जो ‘सत्य’ पर सहमत हो। दोनों पार्टियों के मध्य अन्तर केवल आग्रह पर होता है। ब्रिटिश लोग भारत को स्वतंत्रता दे सकते थे क्योंकि ब्रिटिश लोग और भारतीय इस बात पर सहमत हुए कि भारतीयों को स्व-शासन का अधिकार है। वास्तव में स्व-शासन का सिद्धान्त बहुत पहले 1833 में मैकाले द्वारा प्रतिपादित किया गया था। मैकाले ने कहा था कि भारतीय असभ्य नहीं हैं। भारतीयों की अपनी विशिष्ट सभ्यता एवं संस्कृति है। अतः उन्हें अपने आप शासन करने का अधिकार दिया जाना चाहिए। परन्तु गोवा के मामले में पुर्तगाली सरकार गोवा की स्वतंत्रता के प्रश्न पर सहमत नहीं हुई। अतः गोवा को आजाद कराने के लिए सत्याग्रह को हथियार के रूप में प्रयोग करना न केवल व्यर्थ है बल्कि खतरनाक भी है। मैं अपने लोगों को इस बात की सहमति नहीं दे सकता कि वे गोलियों का सामना करें और मरें। यदि हमें बन्दूकें दी जाती हैं तो हम लड़ेंगे अतः हम उपरोक्त संकल्प पारित करना चाहते हैं।

संकल्प को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया।

संकल्प सं. 9 : इस बैठक में कार्यकारिणी समिति देश की विदेश नीति से सहमत

lad Yi

नहीं है। इसमें न तो सरकार की संसदीय प्रणाली को सशक्त करने और न ही देश की सुरक्षा के लिए कोई आकलन किया गया है।

इस संकल्प को स्वीकार किये जाने के पश्चात् अध्यक्ष ने घोषणा की कि उन्होंने श्री राजभऊ खोबरागडे को अखिल भारतीय अनुसूचित जाति संघ का महासचिव नियुक्त किया है।

संकल्प सं. 10 : श्री खोबरागडे को बधाई देने संबंधी संकल्प पारित किया

lad Yi

गया।

कार्यकारिणी समिति के साथ विचार-विमर्श के दौरान मार्गदर्शन देने के लिए सभापति का धन्यवाद किया गया।

कार्यकारिणी समिति के सभी सदस्यों को भी धन्यवाद दिया गया।

अनुसूचित जाति संघ की कार्यकारिणी समिति ने यह भी संकल्प लिया कि अध्यक्ष को निम्नलिखित बिन्दुओं को शामिल करते हुए भाषायी प्रान्तों के संबंध में संकल्प प्रारूपित करने के लिए अधिकृत किया जाए :