440 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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‘बुद्ध और उसका धम्म’ पुस्तक के संबंध में जवाहर लाल
नेहरू को पत्र
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने ‘‘बुद्ध और उनका धम्म’’ पर एक पुस्तक के संबंध में पंडित जवाहरलाल नेहरू को 14 सितम्बर, 1956 को एक पत्र लिखा था। यह निम्न प्रकार से है : सम्पादक
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मैं ‘बुद्ध और उनका धम्म’ पर पुस्तक, जिसे मैंने अभी हाल ही में पूर्ण किया है, की विषय-सूची को दर्शाती एक मुद्रित-पुस्तिका की दो प्रतियाँ इस पत्र के साथ संलग्न कर रहा हूँ। विषय-सूची से आप अनुमान लगा लेंगे कि पुस्तक कितनी व्यापक है। पुस्तक सितम्बर, 1956 में बाजार में आ जाने की संभावना है। मैंने इस पुस्तक पर पाँच वर्ष का समय लगाया है। पुस्तिका कार्य की गुणवत्ता व्यक्त करती है।
मुद्रण की लागत अत्यधिक है और लगभग 20,000 रुपये आयेगी। यह मेरी क्षमता से बाहर है और इसलिए मैं सभी ओर से सहायता के लिए अनुरोध करता हूँ।
मैं चाहता हूँ कि भारत सरकार विभिन्न पुस्तकालयों तथा विद्वानों, जिनको बुद्ध की 2500वीं वर्षगांठ के समारोह के लिए इस वर्ष के दौरान आमंत्रित किया जाएगा, में वितरित करने के लिए 500 प्रतियाँ क्रय कर लें।
मुझे आपकी बौद्ध धर्म में रूचि की जानकारी है। इसलिए मैं आपको लिख रहा हूँ। मुझे आशा है कि आप इस मामले में कुछ सहायता करेंगे।
आपका
(हस्ता.) डॉ. बी.आर. अम्बेडकर पं. नेहरु का उत्तर
पं. जवाहरलाल नेहरु ने डॉ. बी.आर. अम्बेडकर के पत्र का प्रत्युत्तर दिया। उसने ‘बुद्ध और उनका धम्म’ पुस्तक क्रय करने में अपनी असमर्थता व्यक्त की। मैंने इसे डॉ. राधाकृष्णन, सभापति, बुद्ध जयन्ती समिति को संप्रेषित कर दिया है।