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पं. जवाहरलाल नेहरु द्वारा निम्नलिखित उत्तर दिया गया : सम्पादक
श्री जवाहरलाल नेहरु
प्रधानमंत्री भारत
नई दिल्ली
सं. 2196-पी.एम.एच./56
नई दिल्ली
15 सितम्बर, 1956
मेरे प्रिय अम्बेडकर
आपका 14 सितम्बर का पत्र।
मुझे संदेह है कि आपके द्वारा सुझाई गई आपकी पुस्तक की प्रतियाँ काफी संख्या में क्रय करना संभव हो सकेगा। हमने बुद्ध जयन्ती के अवसर पर प्रकाशन के लिए कुछ राशि अलग रख दी थी। यह राशि व्यय हो चुकी है और वास्तव में इससे अधिक व्यय हो चुका है। बौद्ध धर्म से संबंधित पुस्तकों के लिए कुछ प्रस्तावों, जिनके लिए वित्त प्रदान किया जा रहा है, को रद्द करना पड़ेगा। फिर भी मैं आपका पत्र डॉ. राधाकृष्णन, सभापति बुद्ध जयन्ती समिति को भेज रहा हूँ।
मैं आपको सुझाव देता हूँ कि बुद्ध जयन्ती समारोह के समय आपकी पुस्तक दिल्ली एवं अन्य स्थानों पर बिक्री के लिए रखी जाएं और उस समय विदेश से अनेक लोग आयेंगे। मुझे आशा है कि उस समय बिक्री अच्छी होगी।
आपका
(हस्ता.) जवाहर लाल नेहरू
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर
26, अलीपुर रोड, सिविल लाइन्स
दिल्ली
डॉ. राधाकृष्णन ने डॉ. बी.आर. अम्बेडकर को टेलीफोन पर इस संबंध में कुछ कर पाने की अपनी असमर्थता की सूचना दी। ख्1,
- खैरमोरे, खण्ड 12, पृष्ठ 39-40।