446 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
प्रारम्भ करने का अपराधी समझता हूँ परन्तु इसके बाद भी मुझे आशा एवं विश्वास है कि मेरे लोग, जिन्होंने अपने स्वयं के सुखों का त्याग कर दिया है, निष्ठापूर्वक मेरा अनुकरण कर रहे हैं। मुझे आशा है और मैं विश्वास करता हूँ कि वे भारत में बौद्ध धम्म के प्रचार के लिए संघर्ष निष्ठापूर्वक जारी रखेंगे।’’ ख्1,
- प्रबुद्ध भारत : दिनांक 17 नवम्बर, 1956/भगवान दास द्वारा अनुदित।