परिशिष्ट - VII : डॉ. अम्बेडकर अमरीका में विस्तार चाहते थे। - Page 487

470 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

  1. अनुच्छेद 35, बड़ौदा के अनुसार 25 जनवरी, द असिस्टेंट रेजीडेन्ट लिखते हैंः

भीमराव रामजी अम्बेडकर एक परवारी ** हैं, बम्बई के निवासी जिसे गायकवाड़ द्वारा वित्त एवं समाजशास्त्र का अध्ययन करने के लिए अमेरिका भेजा गया है। वह बड़ौदा सेवा सूची में सेना परिवीक्षक के रूप में नामांकित हैं परन्तु उन्होंने सेना का कोई प्रशिक्षण प्राप्त नहीं किया है और वेतन प्राप्त करने के उद्देश्य से दिखावटी रूप मे नियुक्त किया गया है। उन्हें जून, 1913 में अमेरिका भेजा गया था और यह विश्वास किया जाता है कि वह अभी भी वहीं हैं। उसे पहचान का प्रमाण-पत्र दिया गया है।

भीमराव रामजी अम्बेडकर 13 फरवरी, 1915

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  1. अनुच्छेद 81, बम्बई के अनुसार, 8 फरवरी-

भीमराव रामजी अम्बेडकर जाति से महार हैं, मूल निवासी अम्बेड, ताल्लुका दापोली, जिला रत्नागिरी। वे बम्बई विश्वविद्यालय से स्नातक हैं और एल्फिन्सटज कालेज से बी.ए. की परीक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात् उन्होंने बडौ़दा राज्य सेवा में प्रवेश किया था। वर्ष 1913 में बड़ौदा राज्य द्वारा उन्हें अर्थशास्त्र का अध्ययन करने के लिए अमेरिका भेजा गया। वे एस.एस. सरदेगना के अनुसार 15 जून, 1913 को बम्बई से रवाना हुए।

ऐसा प्रतीत होता है कि अम्बेडकर ने अमेरिका में रहने की अवधि दो वर्ष और बढ़ाने के लिए लिखा है उन्हें आशा है कि उसे समय में वे अपनी पढ़ाई पूरी कर लेंगे।

* . परवारी का अर्थ समझने के लिए डॉ. बी.आर. अम्बेडकर का लेख शीर्षक ‘‘सहार : वे कौन थे

और वे कैसे अस्पृश्य बने’’ देखें, इस खण्ड के भाग II में पृष्ठ 137-150 पर - संवादक