परिशिष्ट -VIII : इस समय डॉ. अम्बेडकर को लेखा विभाग में परिवीक्षार्थी के रूप में कार्य करना चाहिए। - Page 488

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परिशिष्ट
वर्तमान में डॉ. अम्बेडकर को लेखा विभाग में परिवीक्षक के रूप में
कार्य करना होगा

बड़ौदा सरकार से पत्र

बड़ौदा सरकार

संख्या 744

हुजूर कचहरी

बड़ौदा, 7 जून, 1918

प्रिय श्रीमान् नारायणराव

पिछले मास की 5 तारीख के आपके पत्र के प्रत्युत्तर में डॉ. अम्बेडकर का पत्र संलग्न कर रहा हूँ, मैं आपको यह कहने के लिए लिख रहा हूँ कि आपके आवेदन महामहिम महाराजा साहब के समक्ष प्रस्तुत किये गये थे और उन्होंने आदेश दिया है कि श्री अम्बेडकर को उस वेतन पर बड़ौदा सेवा कार्यभार ग्रहण करना होगा, जिसका निर्धारण उनके अमरीका रवाना होने के पूर्व तथा जब वह अमेरिका जायेगा तो दिये जाने वाले वेतन पर किया गया था। यदि वह अपर्याप्त होगा तो उसको बढ़ा हुआ वेतन देने के अनुरोध पर कुछ समय पश्चात् विचार कर लिया जाएगा। वर्तमान के लिए’ उसके आचरण को दृष्टिगत रखते हुए महामहिम न विवश हो कर टिप्पणी की है कि वे अपनी शिक्षा या उसके प्रति दर्शाये गये विश्वास के अनुकूल नहीं पाये गये। महामहिम उसके लिए शर्तों को और अधिक उदार करने के लिए तैयार नहीं हैं। महामहिम ने हमेशा डॉ. अम्बेडकर के समुदाय के कल्याण में रुचि दर्शायी है और श्री अम्बेडकर पर बहुत बड़ी राशि व्यय की है। क्या इन परिस्थितियों के तहत उन्हें स्वयं को कुछ हानि एवं असुविधा के बावजूद संभावनापूर्ण एवं स्पष्टता का उदाहरण स्थापित नहीं करना चाहिए था विशेषकर जब कि उसे आने वाले समय में बेहतर भविष्य का वचन दिया गया हो?

कॉलेज में व्यावसायिक कार्य के लिए उनकी प्रार्थना के संबंध में, जब वहाँ रिक्त स्थान होगा महामहिम तभी उनके प्रश्न पर विचार करेंगे बशर्ते वे उन कार्यों के उपयुक्त पाये जाते हैं। वर्तमान के लिए उन्हें लेखा विभाग में परिवीक्षक के रूप में कार्य करना होगा।

चूंकि अपनी नौकरी छोड़ देने के कारण श्री अम्बेडकर अपनी पढ़ाई पर व्यय